गांधी जयंती पर बेगूसराय में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि:परना पंचायत में लोगों ने माल्यार्पण कर उनके विचारों पर चर्चा की

गांधी जयंती पर बेगूसराय में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि:परना पंचायत में लोगों ने माल्यार्पण कर उनके विचारों पर चर्चा की

बेगूसराय सदर में गांधी जयंती के मौके पर परना पंचायत स्थित सार्वजनिक दुर्गा स्थान परिसर में महात्मा गांधी को याद किया गया। सुबह से ही गांधी जी के स्मारक और आसपास साफ-सफाई की गई। इसके बाद स्थानीय लोग स्मारक परिसर में जमा हुए। उन्होंने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। दोपहर तक लोग आते-जाते रहे और गांधी जी के जीवन व उनके विचारों पर चर्चा करते रहे। इस मौके पर पंचायत के राजो महतो, रमेश महतो, जयनारायण महतो, शिवराज महतो, रूपेश कुमार, अमन कुमार सहित आसपास के कई लोग मौजूद थे। लोगों ने गांधी जी के जीवन संघर्ष और देश की आजादी में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपना हथियार बनाकर देशवासियों को एकजुट किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्मारक परिसर की साफ-सफाई करना भी गांधी जी के स्वच्छता के संदेश को याद करने का एक माध्यम है। गांधी जी ने जीवनभर स्वच्छता, सादगी, सत्य, अहिंसा और आपसी भाईचारे पर जोर दिया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। लोगों ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। बेगूसराय सदर में गांधी जयंती के मौके पर परना पंचायत स्थित सार्वजनिक दुर्गा स्थान परिसर में महात्मा गांधी को याद किया गया। सुबह से ही गांधी जी के स्मारक और आसपास साफ-सफाई की गई। इसके बाद स्थानीय लोग स्मारक परिसर में जमा हुए। उन्होंने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। दोपहर तक लोग आते-जाते रहे और गांधी जी के जीवन व उनके विचारों पर चर्चा करते रहे। इस मौके पर पंचायत के राजो महतो, रमेश महतो, जयनारायण महतो, शिवराज महतो, रूपेश कुमार, अमन कुमार सहित आसपास के कई लोग मौजूद थे। लोगों ने गांधी जी के जीवन संघर्ष और देश की आजादी में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपना हथियार बनाकर देशवासियों को एकजुट किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्मारक परिसर की साफ-सफाई करना भी गांधी जी के स्वच्छता के संदेश को याद करने का एक माध्यम है। गांधी जी ने जीवनभर स्वच्छता, सादगी, सत्य, अहिंसा और आपसी भाईचारे पर जोर दिया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। लोगों ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।  

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