गया शहर के अलग-अलग इलाकों में भव्य और आकर्षक पंडालों का निर्माण किया गया है, जहां मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। इस बार शहर के प्रमुख पूजा पंडाल अपनी अनूठी थीम और भव्य सजावट के लिए खास चर्चा में हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। केदारनाथ मार्केट पूजा समिति इस बार शहरवासियों के लिए एक अनोखा आकर्षण लेकर आई है। समिति के सदस्य सत्य प्रकाश ने बताया कि इस बार उनके पंडाल को ‘सोने की लंका’ का स्वरूप दिया गया है। पंडाल करीब 40 फीट चौड़ा और 80 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है, जिसमें लगभग 12 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी। समिति का कहना है कि 25 लाख का बजट है लेकिन इससे अधिक खर्च होने की संभावना अधिक है। समिति के सदस्य ने बताया कि केदारनाथ मार्केट में प्रतिमा स्थापित करने में सिर्फ मार्केट के लोग और कर्मी होते हैं। ये सिलसिला करीब 70 साल से चला आ रहा है। केदारनाथ मार्केट में बन रही ‘सोने की लंका’ की तीन तस्वीरें देखिए स्टेशन के पास त्रेता युग की थीम पर बन रहा पंडाल स्टेशन के नजदीक स्थित कौआ स्थान मंदिर की दुर्गा पूजा समिति भी अपनी खास तैयारियों के लिए जानी जाती है। समिति के सदस्य संजय कुटियार ने बताया कि इस बार का पंडाल प्राचीन काल और इतिहास के पन्नों पर आधारित है। सजावट में पुराने जमाने की संस्कृति और जीवनशैली को दर्शाने के लिए पंडाल में बांस, चटाई और ताड़ के पत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन का बजट करीब 9 लाख रुपए है। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए 100 वालंटियर्स और बाउंसर तैनात रहेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। लगभग 40 फीट ऊंचे इस पंडाल में करीब 12 फीट ऊंची मां की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यहां भी विष्णु भगवान के स्वरूप और प्राचीन आदिवासियों की जीवनशैली को कलात्मक रूप से दिखाया गया है। स्टेशन रोड दुकानदार संघ बनवा रहा 100 से अधिक खंभों पर टिका भव्य पंडाल स्टेशन रोड स्थित दुकानदार संघ की ओर से हर साल की तरह इस बार भी भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। समिति से जुड़े उमेश प्रसाद ने बताया कि इस बार पंडाल का आकार 32×15 फीट का है, और यहां 100 से अधिक खंभों पर भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। समिति पिछले कई दशकों से पारंपरिक तरीके से पूजा का आयोजन करती आ रही है, जिसमें स्थानीय दुकानदारों और युवाओं का पूरा सहयोग रहता है। समिति के मुताबिक, भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष वालंटियर्स तैनात किए जाएंगे और आवागमन के लिए सुचारू व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था शहर में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पूजा समितियों और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सप्तमी से पट खुलने के साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो 21 अक्टूबर को भव्य भंडारे और 22 अक्टूबर को मां की शोभायात्रा व विसर्जन के साथ संपन्न होगा। प्रशासन लगातार पंडालों का जायजा ले रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा टिकारी रोड स्थित हाते गोदाम और घुघड़ी टांड़ बाईपास के पास भी बड़े स्तर पर भव्य प्रतिमा और पंडाल तैयार किया जा रहा है। दोनों जगह की कमिटियां पूरी ताकत झोंक हुए है। सभी स्थानों पर सप्तमी से मां के दर्शन भक्त कर सकेंगे। गया शहर के अलग-अलग इलाकों में भव्य और आकर्षक पंडालों का निर्माण किया गया है, जहां मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। इस बार शहर के प्रमुख पूजा पंडाल अपनी अनूठी थीम और भव्य सजावट के लिए खास चर्चा में हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। केदारनाथ मार्केट पूजा समिति इस बार शहरवासियों के लिए एक अनोखा आकर्षण लेकर आई है। समिति के सदस्य सत्य प्रकाश ने बताया कि इस बार उनके पंडाल को ‘सोने की लंका’ का स्वरूप दिया गया है। पंडाल करीब 40 फीट चौड़ा और 80 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है, जिसमें लगभग 12 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी। समिति का कहना है कि 25 लाख का बजट है लेकिन इससे अधिक खर्च होने की संभावना अधिक है। समिति के सदस्य ने बताया कि केदारनाथ मार्केट में प्रतिमा स्थापित करने में सिर्फ मार्केट के लोग और कर्मी होते हैं। ये सिलसिला करीब 70 साल से चला आ रहा है। केदारनाथ मार्केट में बन रही ‘सोने की लंका’ की तीन तस्वीरें देखिए स्टेशन के पास त्रेता युग की थीम पर बन रहा पंडाल स्टेशन के नजदीक स्थित कौआ स्थान मंदिर की दुर्गा पूजा समिति भी अपनी खास तैयारियों के लिए जानी जाती है। समिति के सदस्य संजय कुटियार ने बताया कि इस बार का पंडाल प्राचीन काल और इतिहास के पन्नों पर आधारित है। सजावट में पुराने जमाने की संस्कृति और जीवनशैली को दर्शाने के लिए पंडाल में बांस, चटाई और ताड़ के पत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन का बजट करीब 9 लाख रुपए है। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए 100 वालंटियर्स और बाउंसर तैनात रहेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। लगभग 40 फीट ऊंचे इस पंडाल में करीब 12 फीट ऊंची मां की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यहां भी विष्णु भगवान के स्वरूप और प्राचीन आदिवासियों की जीवनशैली को कलात्मक रूप से दिखाया गया है। स्टेशन रोड दुकानदार संघ बनवा रहा 100 से अधिक खंभों पर टिका भव्य पंडाल स्टेशन रोड स्थित दुकानदार संघ की ओर से हर साल की तरह इस बार भी भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। समिति से जुड़े उमेश प्रसाद ने बताया कि इस बार पंडाल का आकार 32×15 फीट का है, और यहां 100 से अधिक खंभों पर भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। समिति पिछले कई दशकों से पारंपरिक तरीके से पूजा का आयोजन करती आ रही है, जिसमें स्थानीय दुकानदारों और युवाओं का पूरा सहयोग रहता है। समिति के मुताबिक, भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष वालंटियर्स तैनात किए जाएंगे और आवागमन के लिए सुचारू व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था शहर में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पूजा समितियों और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सप्तमी से पट खुलने के साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो 21 अक्टूबर को भव्य भंडारे और 22 अक्टूबर को मां की शोभायात्रा व विसर्जन के साथ संपन्न होगा। प्रशासन लगातार पंडालों का जायजा ले रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा टिकारी रोड स्थित हाते गोदाम और घुघड़ी टांड़ बाईपास के पास भी बड़े स्तर पर भव्य प्रतिमा और पंडाल तैयार किया जा रहा है। दोनों जगह की कमिटियां पूरी ताकत झोंक हुए है। सभी स्थानों पर सप्तमी से मां के दर्शन भक्त कर सकेंगे।

