खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा गंडक-बागमती का जलस्तर:नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अलर्ट पर मुजफ्फरपुर प्रशासन; बूढ़ी गंडक में राहत

खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा गंडक-बागमती का जलस्तर:नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अलर्ट पर मुजफ्फरपुर प्रशासन; बूढ़ी गंडक में राहत

नेपाल में हुई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। ऐसे में मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली तीन प्रमुख नदियों गंडक, बागमती और बूढ़ी गंडक के जलस्तर पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। शनिवार शाम जारी आंकड़ों के अनुसार गंडक और बागमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि बूढ़ी गंडक के जलस्तर में गिरावट होने से फिलहाल राहत है। बागमती नदी का जलस्तर 53.55 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 55 मीटर पर है। यानी नदी का पानी खतरे के निशान से अब 1.45 मीटर नीचे है और जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। अलर्ट मोड में प्रशासन वहीं, गंडक नदी का जलस्तर 53.36 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 54.41 मीटर है। गंडक का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है और खतरे के निशान की ओर बढ़ने से प्रशासन सतर्क है। हालांकि, बूढ़ी गंडक में स्थिति राहत वाली है। यहां जलस्तर 47.09 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 52.53 मीटर है। बूढ़ी गंडक फिलहाल खतरे के निशान से 5.44 मीटर नीचे है और इसके जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। लगातार की जा रही है मॉनिटरिंग लगातार बारिश और नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण आने वाले समय में नदियों के जलस्तर में और बदलाव की संभावना बनी हुई है। जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन केंद्र लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहा है। डीएम कुमार गौरव ने बताया कि नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों की सुरक्षा और संवेदनशील इलाकों पर भी विशेष सतर्कता रखी जा रही है। नेपाल में हुई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। ऐसे में मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली तीन प्रमुख नदियों गंडक, बागमती और बूढ़ी गंडक के जलस्तर पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। शनिवार शाम जारी आंकड़ों के अनुसार गंडक और बागमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि बूढ़ी गंडक के जलस्तर में गिरावट होने से फिलहाल राहत है। बागमती नदी का जलस्तर 53.55 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 55 मीटर पर है। यानी नदी का पानी खतरे के निशान से अब 1.45 मीटर नीचे है और जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। अलर्ट मोड में प्रशासन वहीं, गंडक नदी का जलस्तर 53.36 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 54.41 मीटर है। गंडक का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है और खतरे के निशान की ओर बढ़ने से प्रशासन सतर्क है। हालांकि, बूढ़ी गंडक में स्थिति राहत वाली है। यहां जलस्तर 47.09 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 52.53 मीटर है। बूढ़ी गंडक फिलहाल खतरे के निशान से 5.44 मीटर नीचे है और इसके जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। लगातार की जा रही है मॉनिटरिंग लगातार बारिश और नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण आने वाले समय में नदियों के जलस्तर में और बदलाव की संभावना बनी हुई है। जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन केंद्र लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहा है। डीएम कुमार गौरव ने बताया कि नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों की सुरक्षा और संवेदनशील इलाकों पर भी विशेष सतर्कता रखी जा रही है।  

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