खगड़िया के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों में सहयोग देने के लिए शुक्रवार को आचार्य विनोबा भावे शिक्षक सहायक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व उप विकास आयुक्त श्रेया श्री ने किया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के सहयोग से ओपन लिंक्स फाउंडेशन इस पहल को संचालित करेगा। विनोबा ऐप से शिक्षक और प्रशासन के बीच होगा संवाद कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को तकनीकी संसाधन, शैक्षणिक मार्गदर्शन और आपसी संवाद के लिए डिजिटल मंच उपलब्ध कराया जाएगा। विनोबा ऐप के माध्यम से शिक्षक विभागीय सूचनाएं साझा कर सकेंगे। साथ ही शैक्षणिक मार्गदर्शन लेने और अपने अनुभव व विचार साझा करने की सुविधा मिलेगी। ऐप से स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति जानने और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी। एनएमएमएसई की तैयारी और स्पेलिंग बी पर जोर कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएसई) का रजिस्ट्रेशन, अभ्यास और टेस्ट कराया जाएगा। वहीं, स्पेलिंग बी गतिविधियों के जरिए बच्चों की वर्तनी, उच्चारण और शब्दावली बेहतर करने पर काम होगा। प्रार्थना सभा में होंगी एआई आधारित गतिविधियां सुबह की प्रार्थना सभा में एआई आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी। इसके अलावा कोर लाइफ स्किल्स के तहत गतिविधि आधारित और व्यावहारिक पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में जरूरी जीवन कौशल विकसित करना और पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाना है। हर प्रखंड में होंगे ओरिएंटेशन कार्यक्रम कार्यक्रम को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए सभी शिक्षकों का विनोबा ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक प्रखंड में ब्लॉक स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हर प्रखंड से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले पांच शिक्षकों को मास्टर या सपोर्ट टीचर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये शिक्षक दूसरे शिक्षकों को ऐप के इस्तेमाल और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सहयोग देंगे। डीडीसी ने प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी और नूपुर कुमारी सहित सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सीआरसीसी, शिक्षक और ओपन लिंक्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उप विकास आयुक्त श्रेया श्री ने शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्यक्रम को गंभीरता से समझने और विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षकों को तकनीकी संसाधन, शैक्षणिक सहयोग और बेहतर समन्वय उपलब्ध कराना जरूरी है। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और ओपन लिंक्स फाउंडेशन की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाना और शिक्षकों की क्षमता मजबूत कर विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक अवसरों से जोड़ना है। खगड़िया के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों में सहयोग देने के लिए शुक्रवार को आचार्य विनोबा भावे शिक्षक सहायक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व उप विकास आयुक्त श्रेया श्री ने किया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के सहयोग से ओपन लिंक्स फाउंडेशन इस पहल को संचालित करेगा। विनोबा ऐप से शिक्षक और प्रशासन के बीच होगा संवाद कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को तकनीकी संसाधन, शैक्षणिक मार्गदर्शन और आपसी संवाद के लिए डिजिटल मंच उपलब्ध कराया जाएगा। विनोबा ऐप के माध्यम से शिक्षक विभागीय सूचनाएं साझा कर सकेंगे। साथ ही शैक्षणिक मार्गदर्शन लेने और अपने अनुभव व विचार साझा करने की सुविधा मिलेगी। ऐप से स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति जानने और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी। एनएमएमएसई की तैयारी और स्पेलिंग बी पर जोर कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएसई) का रजिस्ट्रेशन, अभ्यास और टेस्ट कराया जाएगा। वहीं, स्पेलिंग बी गतिविधियों के जरिए बच्चों की वर्तनी, उच्चारण और शब्दावली बेहतर करने पर काम होगा। प्रार्थना सभा में होंगी एआई आधारित गतिविधियां सुबह की प्रार्थना सभा में एआई आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी। इसके अलावा कोर लाइफ स्किल्स के तहत गतिविधि आधारित और व्यावहारिक पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में जरूरी जीवन कौशल विकसित करना और पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाना है। हर प्रखंड में होंगे ओरिएंटेशन कार्यक्रम कार्यक्रम को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए सभी शिक्षकों का विनोबा ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक प्रखंड में ब्लॉक स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हर प्रखंड से कंप्यूटर की जानकारी रखने वाले पांच शिक्षकों को मास्टर या सपोर्ट टीचर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये शिक्षक दूसरे शिक्षकों को ऐप के इस्तेमाल और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सहयोग देंगे। डीडीसी ने प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी और नूपुर कुमारी सहित सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सीआरसीसी, शिक्षक और ओपन लिंक्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उप विकास आयुक्त श्रेया श्री ने शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्यक्रम को गंभीरता से समझने और विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षकों को तकनीकी संसाधन, शैक्षणिक सहयोग और बेहतर समन्वय उपलब्ध कराना जरूरी है। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और ओपन लिंक्स फाउंडेशन की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाना और शिक्षकों की क्षमता मजबूत कर विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक अवसरों से जोड़ना है।

