दरभंगा में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने दीप प्रज्वलित कर जिला, अनुमंडल और चार्ज स्तर के पदाधिकारियों के प्रशिक्षण की शुरुआत की। इस बार जनगणना में पहली बार डिजिटल मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आंकड़े सीधे ऑनलाइन दर्ज किए जा सकेंगे। डीएम ने कहा कि जनगणना केवल आबादी की गिनती नहीं है, बल्कि इससे देश के सामाजिक, आर्थिक और जनसंख्या से जुड़े स्वरूप की जानकारी मिलती है। इसी आंकड़े के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और जनकल्याणकारी योजनाएं तैयार की जाती हैं। इसलिए गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की सही जानकारी दर्ज करना जरूरी है।
25 जनवरी से 28 फरवरी तक होगी मुख्य जनगणना डीएम ने बताया कि जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम जिले में 2 मई से 31 मई 2026 तक पूरा किया गया था। अब दूसरे चरण यानी मुख्य जनसंख्या गणना (पीई) की तैयारी की जा रही है। यह काम 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। डीएम ने बताया कि जनगणना 2027 में पहली बार आंकड़े जुटाने के लिए डिजिटल मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कागज पर जानकारी दर्ज करने की जरूरत कम होगी और आंकड़ों को तेजी से और पारदर्शी तरीके से दर्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा आम लोगों को वेब पोर्टल के माध्यम से खुद अपनी जानकारी भरने यानी सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। यह सुविधा 10 जनवरी से 25 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित है। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
चार बैचों में अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दूसरे चरण को सही तरीके से पूरा कराने के लिए 30 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक चार बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें जिला, अनुमंडल और चार्ज स्तर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी मानकों और डिजिटल ऐप के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। राज्य स्तर से आए मुख्य प्रशिक्षक रोहित कुमार और अमिताभ कुमार प्रशिक्षण दे रहे हैं। डीएम ने कहा कि पहले चरण की सफलता अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और कर्मियों के आपसी तालमेल और मेहनत का परिणाम है। दूसरे चरण में भी इसी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आंकड़े जितने सही होंगे, उनके आधार पर बनने वाली सरकारी योजनाएं उतनी ही प्रभावी होंगी। किसी भी व्यक्ति का आंकड़ा नहीं छूटे : नगर आयुक्त नगर आयुक्त गरिमा लोहिया ने कहा कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति की जानकारी छूटनी नहीं चाहिए। सभी गणना कर्मियों को सावधानी के साथ काम करना होगा, ताकि बाद में आंकड़ों को सुधारने में परेशानी न हो। कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उदय नारायण प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। दरभंगा में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने दीप प्रज्वलित कर जिला, अनुमंडल और चार्ज स्तर के पदाधिकारियों के प्रशिक्षण की शुरुआत की। इस बार जनगणना में पहली बार डिजिटल मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आंकड़े सीधे ऑनलाइन दर्ज किए जा सकेंगे। डीएम ने कहा कि जनगणना केवल आबादी की गिनती नहीं है, बल्कि इससे देश के सामाजिक, आर्थिक और जनसंख्या से जुड़े स्वरूप की जानकारी मिलती है। इसी आंकड़े के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और जनकल्याणकारी योजनाएं तैयार की जाती हैं। इसलिए गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की सही जानकारी दर्ज करना जरूरी है।
25 जनवरी से 28 फरवरी तक होगी मुख्य जनगणना डीएम ने बताया कि जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम जिले में 2 मई से 31 मई 2026 तक पूरा किया गया था। अब दूसरे चरण यानी मुख्य जनसंख्या गणना (पीई) की तैयारी की जा रही है। यह काम 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। डीएम ने बताया कि जनगणना 2027 में पहली बार आंकड़े जुटाने के लिए डिजिटल मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कागज पर जानकारी दर्ज करने की जरूरत कम होगी और आंकड़ों को तेजी से और पारदर्शी तरीके से दर्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा आम लोगों को वेब पोर्टल के माध्यम से खुद अपनी जानकारी भरने यानी सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। यह सुविधा 10 जनवरी से 25 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित है। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
चार बैचों में अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दूसरे चरण को सही तरीके से पूरा कराने के लिए 30 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक चार बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें जिला, अनुमंडल और चार्ज स्तर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी मानकों और डिजिटल ऐप के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। राज्य स्तर से आए मुख्य प्रशिक्षक रोहित कुमार और अमिताभ कुमार प्रशिक्षण दे रहे हैं। डीएम ने कहा कि पहले चरण की सफलता अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और कर्मियों के आपसी तालमेल और मेहनत का परिणाम है। दूसरे चरण में भी इसी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आंकड़े जितने सही होंगे, उनके आधार पर बनने वाली सरकारी योजनाएं उतनी ही प्रभावी होंगी। किसी भी व्यक्ति का आंकड़ा नहीं छूटे : नगर आयुक्त नगर आयुक्त गरिमा लोहिया ने कहा कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति की जानकारी छूटनी नहीं चाहिए। सभी गणना कर्मियों को सावधानी के साथ काम करना होगा, ताकि बाद में आंकड़ों को सुधारने में परेशानी न हो। कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उदय नारायण प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

