नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सहरसा जिले के नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंड की करीब 35 पंचायतें संभावित बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। देखें, मौके से आई PHOTOS… कोसी बराज से 2.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया कोसी बराज नियंत्रण कक्ष के अनुसार शुक्रवार दोपहर एक बजे बराज से 2,29,960 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, बराहक्षेत्र में इसी समय 2,10,750 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग के अनुमान के अनुसार अगले एक-दो दिनों में कोसी बराज से डिस्चार्ज 5 से 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। तटबंध की सुरक्षा के लिए इंजीनियरों की 24 घंटे तैनाती पूर्वी तटबंध चंद्रायन डिवीजन के सहायक अभियंता रामनरेश अनुज ने बताया कि शुक्रवार को पानी छोड़े जाने की मात्रा तेजी से बढ़ी है। दोपहर तक यह करीब 1.98 लाख क्यूसेक से बढ़कर 2.29 लाख क्यूसेक से अधिक हो गई। उन्होंने बताया कि तटबंध की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त की जा रही है। बोल्डर और बालू भरी बोरियां तैयार कटाव या किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में बोल्डर और बालू भरी बोरियां उपलब्ध कराई गई हैं। जूनियर और सहायक अभियंताओं के अलावा प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी 24 घंटे निगरानी में तैनात हैं। चार प्रखंडों के ग्रामीणों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील जलस्तर में संभावित भारी वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ के निचले इलाकों और पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर रहने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। नाव मालिकों और नाविकों को भी अलर्ट किया गया अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय नाव मालिकों और नाविकों को अलर्ट रखें। जरूरत पड़ने पर नावों की मदद से ग्रामीणों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा। प्रशासन का कहना है कि कोसी के जलस्तर और तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सहरसा जिले के नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंड की करीब 35 पंचायतें संभावित बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। देखें, मौके से आई PHOTOS… कोसी बराज से 2.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया कोसी बराज नियंत्रण कक्ष के अनुसार शुक्रवार दोपहर एक बजे बराज से 2,29,960 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, बराहक्षेत्र में इसी समय 2,10,750 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग के अनुमान के अनुसार अगले एक-दो दिनों में कोसी बराज से डिस्चार्ज 5 से 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। तटबंध की सुरक्षा के लिए इंजीनियरों की 24 घंटे तैनाती पूर्वी तटबंध चंद्रायन डिवीजन के सहायक अभियंता रामनरेश अनुज ने बताया कि शुक्रवार को पानी छोड़े जाने की मात्रा तेजी से बढ़ी है। दोपहर तक यह करीब 1.98 लाख क्यूसेक से बढ़कर 2.29 लाख क्यूसेक से अधिक हो गई। उन्होंने बताया कि तटबंध की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त की जा रही है। बोल्डर और बालू भरी बोरियां तैयार कटाव या किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में बोल्डर और बालू भरी बोरियां उपलब्ध कराई गई हैं। जूनियर और सहायक अभियंताओं के अलावा प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी 24 घंटे निगरानी में तैनात हैं। चार प्रखंडों के ग्रामीणों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील जलस्तर में संभावित भारी वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ के निचले इलाकों और पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर रहने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। नाव मालिकों और नाविकों को भी अलर्ट किया गया अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय नाव मालिकों और नाविकों को अलर्ट रखें। जरूरत पड़ने पर नावों की मदद से ग्रामीणों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा। प्रशासन का कहना है कि कोसी के जलस्तर और तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

