पितृपक्ष मेला दिखाने पर सरकार देगी 3 लाख का इनाम:11 अक्टूबर तक जमा होगी एंट्री, 10 विजेताओं को मिलेंगे 8.25 लाख; मेले की भव्यता दिखानी होगी

पितृपक्ष मेला दिखाने पर सरकार देगी 3 लाख का इनाम:11 अक्टूबर तक जमा होगी एंट्री, 10 विजेताओं को मिलेंगे 8.25 लाख; मेले की भव्यता दिखानी होगी

बिहार पर्यटन विभाग ने गया में आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 को देश-दुनिया तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए विशेष प्रतियोगिता शुरू की है। ‘पितृपक्ष मेला एक इन्फ्लुएंसर की नजर से’ नाम से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी मेले की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विशेषताओं को वीडियो, रील, फोटो और ब्लॉग के जरिए प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रतियोगिता में किसी एक सोशल मीडिया हैंडल पर कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स वाले कंटेंट क्रिएटर, ब्लॉगर, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर के साथ आम लोग भी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतिभागियों को गया जी में होने वाले पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध की परंपराओं के साथ धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन से जुड़े अनुभवों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करना होगा। 10 विजेताओं को मिलेंगे 8.25 लाख रुपये प्रतियोगिता में कुल 10 प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम विजेता को 3 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 2 लाख रुपये और तीसरे विजेता को 1 लाख रुपये मिलेंगे। चौथे स्थान के दो विजेताओं को 50-50 हजार रुपये तथा पांच प्रतिभागियों को 25-25 हजार रुपये के प्रशंसा पुरस्कार दिए जाएंगे। इस तरह कुल पुरस्कार राशि 8.25 लाख रुपये होगी। 11 अक्टूबर तक जमा करनी होगी एंट्री गया जी में पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होगा। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागी 25 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 की शाम 5 बजे तक अपनी एंट्री जमा कर सकेंगे। इसके लिए बिहार पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण और नियम-शर्तों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। पर्यटन विभाग के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल मेले की तस्वीरें दिखाना नहीं, बल्कि गया जी की धार्मिक आस्था, पिंडदान-तर्पण की परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय जीवन और पर्यटन स्थलों को नए डिजिटल नजरिये से देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाना है। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया जी की सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। डिजिटल कंटेंट के जरिए इन परंपराओं को नई पीढ़ी और देश-विदेश के पर्यटकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है। बिहार पर्यटन विभाग ने गया में आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 को देश-दुनिया तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए विशेष प्रतियोगिता शुरू की है। ‘पितृपक्ष मेला एक इन्फ्लुएंसर की नजर से’ नाम से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी मेले की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विशेषताओं को वीडियो, रील, फोटो और ब्लॉग के जरिए प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रतियोगिता में किसी एक सोशल मीडिया हैंडल पर कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स वाले कंटेंट क्रिएटर, ब्लॉगर, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर के साथ आम लोग भी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतिभागियों को गया जी में होने वाले पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध की परंपराओं के साथ धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन से जुड़े अनुभवों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करना होगा। 10 विजेताओं को मिलेंगे 8.25 लाख रुपये प्रतियोगिता में कुल 10 प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम विजेता को 3 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 2 लाख रुपये और तीसरे विजेता को 1 लाख रुपये मिलेंगे। चौथे स्थान के दो विजेताओं को 50-50 हजार रुपये तथा पांच प्रतिभागियों को 25-25 हजार रुपये के प्रशंसा पुरस्कार दिए जाएंगे। इस तरह कुल पुरस्कार राशि 8.25 लाख रुपये होगी। 11 अक्टूबर तक जमा करनी होगी एंट्री गया जी में पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होगा। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागी 25 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 की शाम 5 बजे तक अपनी एंट्री जमा कर सकेंगे। इसके लिए बिहार पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण और नियम-शर्तों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। पर्यटन विभाग के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल मेले की तस्वीरें दिखाना नहीं, बल्कि गया जी की धार्मिक आस्था, पिंडदान-तर्पण की परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय जीवन और पर्यटन स्थलों को नए डिजिटल नजरिये से देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाना है। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया जी की सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। डिजिटल कंटेंट के जरिए इन परंपराओं को नई पीढ़ी और देश-विदेश के पर्यटकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है।  

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