ऐतिहासिक गांधी नेत्र चिकित्सालय ट्रस्ट के बहुप्रतीक्षित चुनाव की तारीख घोषित हो गई है। कोविड काल से पहले हुए पिछले चुनाव के बाद लंबे समय से लंबित निर्वाचन अब 20 दिसंबर को कराया जाएगा। ट्रस्ट के 274 क्रियाशील सदस्य मतदान के जरिए नई कार्यकारिणी चुनेंगे। गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम अविनाश कुमार की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में चुनाव कराने पर सहमति बनी। डीएम की अनुमति से अपर जिलाधिकारी न्यायिक को निर्वाचन अधिकारी नामित करने का निर्णय लिया गया। निर्वाचन पूरा होने तक संयुक्त सचिव पिंकी भाटिया सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगी।
गांधी नेत्र चिकित्सालय केवल अलीगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और दूर-दराज के मरीजों के लिए भी लंबे समय से नेत्र चिकित्सा का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐतिहासिक पहचान वाले इस संस्थान की खासियत उपचार के साथ चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी है। ट्रस्ट में शहर के प्रतिष्ठित और संपन्न वर्ग के अनेक लोग सदस्य हैं। ऐसे में चुनाव को अस्पताल के संचालन, प्रबंधन और भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीएम इस ट्रस्ट के पदेन अध्यक्ष हैं।
कई पदों पर चुनी जाएगी नई कार्यकारिणी
बैठक में ट्रस्ट के लंबित निर्वाचन को संपन्न कराने के लिए प्रक्रिया तय की गई। 20 दिसंबर, रविवार को मतदान होगा। ट्रस्ट में सचिव, उपाध्यक्ष, दोनों संयुक्त सचिवों समेत विभिन्न पदों पर चुनाव कराया जाना है। निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति और मतदान की तारीख तय होने के साथ ही लंबे समय से अटकी चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, मतदान के समय, नामांकन और अन्य चुनावी चरणों का विस्तृत कार्यक्रम बैठक में जारी नहीं किया गया।
इलाज के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रशिक्षण
बैठक में अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं, आय-व्यय और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा हुई। सीएमओ डॉ. अजय कुमार सक्सेना ने बताया कि यहां नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन, नई दिल्ली से संबद्ध तीन वर्षीय डीएनबी प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें सात चिकित्सक प्रशिक्षण ले रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से संबद्ध 40 सीटों का चार वर्षीय बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री पाठ्यक्रम भी संचालित है। इसके अलावा विट्रियोरेटिनल सुपर स्पेशियलिटी में द्विवार्षिक फेलोशिप और कॉन्टैक्ट लेंस प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत भी उपचार करा सकते हैं। बैठक में अस्पताल की विभिन्न मदों से हुई आय और खर्च का लेखा-जोखा भी रखा गया।
डीएम ने कहा कि गांधी नेत्र चिकित्सालय में गुणवत्तापूर्ण उपचार के साथ चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। मरीजों को बेहतर इलाज, सुगम सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके।
बैठक में सीडीओ योगेन्द्र कुमार, एडीएम सिटी संगीता देवी, एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री सहित अन्य अधिकारी और ट्रस्ट कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे।

