कैमूर जिले के पहाड़ी इलाकों में पिछले दो-तीन दिनों से तेज बारिश हो रही है। इस वजह से जिले की कुदरा, दुर्गावती, कर्मनाशा और सुवरा नदियाँ उफान पर हैं। इनका जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय और ग्रामीण इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदियों में आए इस पानी का सबसे ज्यादा असर कुदरा प्रखंड मुख्यालय के रामपुर गांव पर पड़ा है। कुदरा शहर से सिर्फ 50 कदम दूर बसा यह रामपुर गांव अब नदियों में पानी बढ़ने से 5 किलोमीटर दूर हो गया है। गांव को शहर से जोड़ने वाले दोनों रास्ते पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। नदियां उफान पर, देखिए तस्वीरें…. करीब 3 फीट तक पानी चढ़ गया स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने बताया कि कुदरा और रामपुर के बीच बना छलका पुलिया पानी में डूब गया है। इसके ऊपर करीब 8 फीट ऊंचा पानी बह रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से बनाई गई 15 फीट ऊंची पुलिया पर भी तेज बहाव के कारण करीब 3 फीट तक पानी चढ़ गया है। पुलिया के पानी में डूब जाने से दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह से रुक गया है। इससे रामपुर और आसपास के गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए तटीय इलाकों के लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। कैमूर जिले के पहाड़ी इलाकों में पिछले दो-तीन दिनों से तेज बारिश हो रही है। इस वजह से जिले की कुदरा, दुर्गावती, कर्मनाशा और सुवरा नदियाँ उफान पर हैं। इनका जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय और ग्रामीण इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदियों में आए इस पानी का सबसे ज्यादा असर कुदरा प्रखंड मुख्यालय के रामपुर गांव पर पड़ा है। कुदरा शहर से सिर्फ 50 कदम दूर बसा यह रामपुर गांव अब नदियों में पानी बढ़ने से 5 किलोमीटर दूर हो गया है। गांव को शहर से जोड़ने वाले दोनों रास्ते पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। नदियां उफान पर, देखिए तस्वीरें…. करीब 3 फीट तक पानी चढ़ गया स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने बताया कि कुदरा और रामपुर के बीच बना छलका पुलिया पानी में डूब गया है। इसके ऊपर करीब 8 फीट ऊंचा पानी बह रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से बनाई गई 15 फीट ऊंची पुलिया पर भी तेज बहाव के कारण करीब 3 फीट तक पानी चढ़ गया है। पुलिया के पानी में डूब जाने से दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह से रुक गया है। इससे रामपुर और आसपास के गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए तटीय इलाकों के लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।

