कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में संजीवनी अस्पताल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से 45 वर्षीय मजदूर शिवलाल चौधरी की मौत हो गई। वह मजदूरी करने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। हादसे के बाद वाहन चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। शिवलाल मोहनिया थाना क्षेत्र के घेघिया गांव के रहने वाले थे। वह रामबचन चौधरी के बेटे थे। सूचना मिलने पर मोहनिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल भभुआ भेजा। वहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गोला से पैदल घर लौट रहे थे शिवलाल सदर अस्पताल पहुंचे रामबचन चौधरी ने बताया कि शिवलाल रोज की तरह मोहनिया के गोला पर मजदूरी करने गए थे। काम खत्म होने के बाद वह पैदल गांव लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पार करते समय संजीवनी अस्पताल के पास अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उधर, गोला के गल्लेदार और अन्य मजदूर शिवलाल को काम पर बुलाने के लिए गांव पहुंचे। खोजबीन के बाद परिजनों को पता चला कि उनका शव भभुआ सदर अस्पताल में है। परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा शिवलाल परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, तीन अविवाहित बेटियां और 10 साल का बेटा राजा कुमार है। बेटियों के नाम अंशु कुमारी (22), नागेश्वरी कुमारी (19) और अंजनी कुमारी (17) हैं। शिवलाल की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण और बेटियों की शादी को लेकर संकट खड़ा हो गया है। मुआवजे की मांग, CCTV से वाहन की तलाश रामबचन चौधरी और ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में संजीवनी अस्पताल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से 45 वर्षीय मजदूर शिवलाल चौधरी की मौत हो गई। वह मजदूरी करने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। हादसे के बाद वाहन चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। शिवलाल मोहनिया थाना क्षेत्र के घेघिया गांव के रहने वाले थे। वह रामबचन चौधरी के बेटे थे। सूचना मिलने पर मोहनिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल भभुआ भेजा। वहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गोला से पैदल घर लौट रहे थे शिवलाल सदर अस्पताल पहुंचे रामबचन चौधरी ने बताया कि शिवलाल रोज की तरह मोहनिया के गोला पर मजदूरी करने गए थे। काम खत्म होने के बाद वह पैदल गांव लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पार करते समय संजीवनी अस्पताल के पास अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उधर, गोला के गल्लेदार और अन्य मजदूर शिवलाल को काम पर बुलाने के लिए गांव पहुंचे। खोजबीन के बाद परिजनों को पता चला कि उनका शव भभुआ सदर अस्पताल में है। परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा शिवलाल परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, तीन अविवाहित बेटियां और 10 साल का बेटा राजा कुमार है। बेटियों के नाम अंशु कुमारी (22), नागेश्वरी कुमारी (19) और अंजनी कुमारी (17) हैं। शिवलाल की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण और बेटियों की शादी को लेकर संकट खड़ा हो गया है। मुआवजे की मांग, CCTV से वाहन की तलाश रामबचन चौधरी और ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है।

