किशनगंज-बहादुरगंज फोरलेन सड़क परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रही इस सड़क से किशनगंज से बहादुरगंज की दूरी 45 मिनट से घटकर 20 मिनट हो जाएगी। यह परियोजना दिसंबर 2025 में शुरू हुई और दिसंबर 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है। जिला प्रशासन लगातार काम की निगरानी कर रहा है। यह 24.85 किलोमीटर लंबी सड़क किशनगंज के उत्तर रामपुर (एनएच-27) से बहादुरगंज के सताल इस्तमरार (एनएच-327ई) तक जाएगी। इस फोरलेन से यातायात का दबाव कम होगा और ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। परियोजना पर 658 करोड़ रुपये से 1,117 करोड़ रुपए तक की लागत आने का अनुमान है। यह केंद्र सरकार की भारतमाला योजना का हिस्सा है। फोरलेन बनने से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। कृषि उत्पादों और अन्य सामानों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और किसानों को सीधा फायदा होगा। स्थानीय लोगों को मिला रोजगार सड़क निर्माण के दौरान भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। निर्माण एजेंसियों द्वारा विभिन्न कार्यों में स्थानीय मजदूरों और संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जिला प्रशासन लगातार निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहा है। भूमि अर्जन से जुड़े मामलों का भी त्वरित निष्पादन किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। तेजी से चल रहा निर्माण कार्य अधिकारियों के अनुसार अधिकांश हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और तय लक्ष्य के अनुसार कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। सीमांचल के विकास की नई पहचान बनेगी सड़क किशनगंज-बहादुरगंज फोरलेन सड़क को सीमांचल क्षेत्र के विकास की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी नई गति देगी। सड़क के पूरा होने के बाद सीमांचल के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। किशनगंज-बहादुरगंज फोरलेन सड़क परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रही इस सड़क से किशनगंज से बहादुरगंज की दूरी 45 मिनट से घटकर 20 मिनट हो जाएगी। यह परियोजना दिसंबर 2025 में शुरू हुई और दिसंबर 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है। जिला प्रशासन लगातार काम की निगरानी कर रहा है। यह 24.85 किलोमीटर लंबी सड़क किशनगंज के उत्तर रामपुर (एनएच-27) से बहादुरगंज के सताल इस्तमरार (एनएच-327ई) तक जाएगी। इस फोरलेन से यातायात का दबाव कम होगा और ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। परियोजना पर 658 करोड़ रुपये से 1,117 करोड़ रुपए तक की लागत आने का अनुमान है। यह केंद्र सरकार की भारतमाला योजना का हिस्सा है। फोरलेन बनने से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। कृषि उत्पादों और अन्य सामानों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और किसानों को सीधा फायदा होगा। स्थानीय लोगों को मिला रोजगार सड़क निर्माण के दौरान भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। निर्माण एजेंसियों द्वारा विभिन्न कार्यों में स्थानीय मजदूरों और संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जिला प्रशासन लगातार निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहा है। भूमि अर्जन से जुड़े मामलों का भी त्वरित निष्पादन किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। तेजी से चल रहा निर्माण कार्य अधिकारियों के अनुसार अधिकांश हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और तय लक्ष्य के अनुसार कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। सीमांचल के विकास की नई पहचान बनेगी सड़क किशनगंज-बहादुरगंज फोरलेन सड़क को सीमांचल क्षेत्र के विकास की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी नई गति देगी। सड़क के पूरा होने के बाद सीमांचल के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

