राजभर बोले- जातिवार जनगणना के बाद होगा हिस्से का बंटवारा:अलीगढ़ में आयोजित सम्मेलन में लिया 2027 में बंजारा समाज से विधायक बनाने का संकल्प, एकजुटता का आह्वान

राजभर बोले- जातिवार जनगणना के बाद होगा हिस्से का बंटवारा:अलीगढ़ में आयोजित सम्मेलन में लिया 2027 में बंजारा समाज से विधायक बनाने का संकल्प, एकजुटता का आह्वान

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को अकराबाद क्षेत्र के गांव दुभिया बंजारा में आयोजित बंजारा समाज के सम्मेलन में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा सियासी संदेश दिया। करीब ढाई से तीन हजार लोगों की मौजूदगी में राजभर ने कहा कि जातिवार जनगणना के बाद आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी का बंटवारा होगा। उन्होंने बंजारा समाज से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने और 2027 में अपने समाज का विधायक विधानसभा भेजने का आह्वान किया।
राजभर ने मंच से कहा, “बंटवारा तो होगा।” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। राजभर के मुताबिक प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि कुछ जातियां विरोध कर रही हैं, इसलिए पहले जातिवार जनगणना करा दी जाए। जातियों की गिनती होने के बाद हिस्सेदारी के बंटवारे का विरोध कोई नहीं कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि जातिवार जनगणना का ऐलान होते ही विपक्ष परेशान है। वजह यह है कि जातियों की संख्या सामने आने के बाद उनके अधिकार और हिस्सेदारी की मांग को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। राजभर ने कहा कि वह अति पिछड़ों और अति दलितों की हिस्सेदारी के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं।
2027 में बंजारा समाज का विधायक बनाने का ऐलान
राजभर ने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य उन समाजों को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाना है, जिनकी विधानसभा और लोकसभा में पर्याप्त भागीदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अर्कवंशी समाज को राजनीतिक रूप से संगठित करने का अभियान चलाया था और अब उसी तरह बंजारा समाज को विधानसभा तक पहुंचाने की कोशिश है।
उन्होंने कहा, “2027 का चुनाव आ रहा है। आप थोड़ी ताकत पैदा करो। हम आपको 2027 के चुनाव में आपके समाज से विधायक देना चाहते हैं।” राजभर ने कहा कि जब तक बंजारा समाज का प्रतिनिधि सदन में नहीं पहुंच जाता, वह इस अभियान को जारी रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद गाजीपुर की जहूराबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन चाहते हैं कि बंजारा समाज का कोई प्रतिनिधि भी सत्ता के गलियारे तक पहुंचे। कहा, “हमको तो मिल गया, हम विधायक बन गए, मंत्री बन गए। लेकिन आपके बीच से भी कोई छोटा भाई या बड़ा भाई, जिसने हिस्सा नहीं पाया है, उसको सत्ता के गलियारे में ले जाना चाहते हैं।”
आरक्षण में 7, 9 और 11 फीसदी हिस्सेदारी की बात
राजभर ने 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग आरक्षण के वर्गीकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण में 7 प्रतिशत पिछड़ा, 9 प्रतिशत अति पिछड़ा और 11 प्रतिशत सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग को हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 100 दरोगा, 100 लेखपाल या 100 बीडीओ की भर्ती होती है तो उसमें 11 पद सर्वाधिक पिछड़े वर्ग के लोगों के होने चाहिए। राजभर ने कहा कि आरक्षण के वर्गीकरण पर सहमति नहीं बनी तो उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा तक दे दिया था।
एक लाख लखीशाह बंजारा वंशज जुटाने की तैयारी
सम्मेलन में राजभर ने महाराजा लखीशाह बंजारा की मूर्ति लगाने की मांग को भी राजनीतिक अभियान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर से लेकर अलीगढ़, एटा, इटावा, कन्नौज, कासगंज, मैनपुरी, कानपुर, औरैया और गाजियाबाद तक बंजारा समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं, लेकिन समाज के महापुरुष की मूर्ति लगाने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा।
उन्होंने भीड़ से पूछा कि महाराजा लखीशाह बंजारा की मूर्ति लगनी चाहिए या नहीं। भीड़ ने समर्थन किया तो राजभर ने कहा कि समाज के लोगों को इसके लिए आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से 500-500 रुपये सहयोग देने के लिए हाथ उठवाए।
राजभर ने कहा कि वह एक लाख महाराजा लखीशाह बंजारा के वंशजों को एक जगह जुटाना चाहते हैं। इसके लिए समाज से प्रचार-प्रसार और एकजुट होने का आह्वान किया।
गांव से अलीगढ़-दिल्ली बस सेवा शुरू
सम्मेलन में ग्रामीणों की मांग पर गांव से अलीगढ़-दिल्ली के लिए रोडवेज बस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। राजभर ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बस रोज गांव से जाएगी और वापस आएगी।
उन्होंने कहा कि समाज के लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। आवास को लेकर उन्होंने कहा कि जिन जरूरतमंदों के पास मकान नहीं है, वे सादे कागज पर अपनी जानकारी देकर आवेदन करें। जांच के बाद पात्र लोगों को आवास दिलाने की कार्रवाई कराई जाएगी।
राजभर ने ‘जीरो पॉवर्टी योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेशभर में सर्वे के बाद करीब 15 लाख लोगों के नाम सामने आए थे। सत्यापन के बाद 13 लाख 60 हजार लोगों को पात्र पाया गया। उनके मुताबिक पात्र लोगों के आवास के लिए जिलों को बजट भेजा जा चुका है।
पंचायत सहायकों का मानदेय 6 से बढ़ाकर 9 हजार करने का दावा
पंचायती राज मंत्री ने पंचायत सहायकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले उन्हें 6 हजार रुपये मानदेय मिलता था। पंचायत सहायकों की मांग पर मुख्यमंत्री से बात की गई और इसके बाद मानदेय बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी अन्य मांगों पर भी सरकार ने निर्णय लिए हैं।
राजभर ने कहा कि वह पूरे प्रदेश के पंचायती राज मंत्री हैं। यदि किसी गरीब का काम थाना, ब्लॉक या तहसील में नहीं हो रहा है या कोई अधिकारी परेशान कर रहा है तो इसकी जानकारी उन्हें दी जाए। उन्होंने कहा कि कमजोर और गरीब लोगों की लड़ाई लड़ना उनकी प्राथमिकता है।
‘जिस दिन मन बना लिया, कोई ताकत रोक नहीं सकती’
सभा के समापन पर राजभर ने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल संख्या होने से राजनीतिक ताकत नहीं बनती, बल्कि उस संख्या को एक दिशा देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “जिस दिन आप लोगों ने मन बना लिया, दुनिया की कोई ताकत आपको रोक नहीं सकती।” इसके बाद उन्होंने समर्थकों से हाथ उठवाकर महाराजा लखीशाह बंजारा के जयकारे लगवाए।
राजभर करीब दोपहर 2 बजे दुभिया बंजारा गांव पहुंचे। पंचायत सचिवालय से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में बंजारा समाज के लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में 2027 का विधानसभा चुनाव, जातिवार जनगणना, आरक्षण में वर्गीकरण, राजनीतिक हिस्सेदारी और बंजारा समाज को विधानसभा तक पहुंचाने का मुद्दा केंद्र में रहा। ये लोग रहे मौजूद: सुभासपा जिलाध्यक्ष अमित जादौन, पंचायत राज मंत्री प्रतिनिधि पश्चिमी उत्तर प्रदेश संजय नायक, जिला सलाहकार शियोराज सिंह, जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार, छर्रा विधानसभा उपाध्यक्ष सुनील कुमार, जितेंद्र उजाला, मनोज नायक, तिलक सिंह, गुड्डू नायक, लोकेश नायक, राजीव कुमार, राजीव नायक, रविंद्र नायक और उमेश नायक। ऑटो से जनसभा स्थल पर पहुंचे राजभर राजभर करीब दोपहर 2 बजे दुभिया बंजारा गांव पहुंचे। पंचायत सचिव कार्यालय से आयोजन स्थल तक पहुंचने के लिए वे टेम्पो में सवार होकर जनसभा स्थल तक गए। राजभर के टेम्पो में सवार होकर गांव की गलियों से गुजरने और जनसभा स्थल तक पहुंचने के दौरान लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए जुटे रहे। अलीगढ़ से बंजारा को एनडीए से चुनाव लड़ाने का प्रयास
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि 2027 में अलीगढ़ से बंजारा समाज के चुनाव लड़ने के सवाल पर राजभर ने कहा कि एनडीए गठबंधन से किसी बंजारा समाज के व्यक्ति को चुनाव लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वह सदन में पहुंचकर समाज की समस्याएं और अधिकार की लड़ाई खुद लड़ सके। ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर राजभर ने कहा कि यह हताशा और निराशा में किया जा रहा प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि 2019 में भाजपा ने 303 सीटें जीती थीं, जबकि 2024 में 240 पर आ गई। उन्होंने तर्क दिया कि अगर वोट चोरी होती तो सीटें बढ़नी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की पार्टी को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं, इसलिए विपक्ष को इसके लिए धन्यवाद देना चाहिए।
PDA पर तंज
PDA के सरकार बनाने के दावे पर राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में PDA का मतलब बदलता दिखा। उनके मुताबिक ‘P’ से परिवार, ‘D’ से धनीराम-दौलतराम आ गए, लेकिन ‘A’ से ‘अपराधीराम’ नहीं मिले और अखिलेश यादव छोड़कर भाग गए। राजभर ने कहा कि गांव से बस सेवा शुरू होना पहली सौगात है। गांव की सड़क, खरंजा, नाली, शौचालय और आवास से जुड़ी समस्याएं लिखित में देने को कहा। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों के आवास के लिए बीडीओ से जांच कराकर नाम सूची में जुड़वाए जाएंगे। महाराजा लखीशाह बंजारा की मूर्ति की स्थापना पर राजभर ने कहा कि बैठक कर स्थान और जमीन तय की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले, दिसंबर से पहले मूर्ति की स्थापना करा दी जाएगी।

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