वज्रपात की चपेट में आने से किसान की मौत:मवेशी चराने के लिए बधार गए थे, अचानक तेज गरज के साथ बारिश शुरू हो गई

वज्रपात की चपेट में आने से किसान की मौत:मवेशी चराने के लिए बधार गए थे, अचानक तेज गरज के साथ बारिश शुरू हो गई

नालंदा में वज्रपात की चपेट में आने से किसान की मौत हो गई। मवेशी चराने के लिए खेत गए थे, इस दौरान हादसे के शिकार हो गए। मृतक की पहचान पिलखी गांल निवासी रविंद्र यादव(48) के तौर पर हुई है। घटना खुदागंज थाना क्षेत्र की है। मृतक के मामा उपेंद्र यादव ने बताया कि रविंद्र अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे। खेती-बाड़ी और मवेशी पालन कर अपने परिवार का गुजारा करते थे। बुधवार को मवेशी लेकर घर से निकले थे। अचानक मौसम बदल गया, बारिश शुरू हो गई। तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली सीधे उन पर गिर गई। चपेट में आने से घटनास्थल पर ही झुलसकर मौत हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जब उन्हें अचेत देखा, तो तुरंत इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को दी। प्रशासन से मुआवजे की मांग मृतक अपने पीछे पांच छोटे बच्चों (चार बेटे और एक बेटी) और पत्नी को छोड़ गए हैं। घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिजनों के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शोकाकुल परिजनों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से उचित आपदा मुआवजे की गुहार लगाई है। जांच में जुटी पुलिस खुदागंज थानाध्यक्ष दुर्गेश गहलोत ने बताया कि वज्रपात से मौत की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। नालंदा में वज्रपात की चपेट में आने से किसान की मौत हो गई। मवेशी चराने के लिए खेत गए थे, इस दौरान हादसे के शिकार हो गए। मृतक की पहचान पिलखी गांल निवासी रविंद्र यादव(48) के तौर पर हुई है। घटना खुदागंज थाना क्षेत्र की है। मृतक के मामा उपेंद्र यादव ने बताया कि रविंद्र अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे। खेती-बाड़ी और मवेशी पालन कर अपने परिवार का गुजारा करते थे। बुधवार को मवेशी लेकर घर से निकले थे। अचानक मौसम बदल गया, बारिश शुरू हो गई। तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली सीधे उन पर गिर गई। चपेट में आने से घटनास्थल पर ही झुलसकर मौत हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जब उन्हें अचेत देखा, तो तुरंत इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को दी। प्रशासन से मुआवजे की मांग मृतक अपने पीछे पांच छोटे बच्चों (चार बेटे और एक बेटी) और पत्नी को छोड़ गए हैं। घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिजनों के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शोकाकुल परिजनों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से उचित आपदा मुआवजे की गुहार लगाई है। जांच में जुटी पुलिस खुदागंज थानाध्यक्ष दुर्गेश गहलोत ने बताया कि वज्रपात से मौत की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।  

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