महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने रविवार को हर सप्ताह की तरह इस बार भी प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया। सफाई के दौरान कार्यकर्ताओं को मानविकी संकाय में कई शराब की बोतलें मिलीं। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में शराब की बोतलें मिलना चिंता की बात है। मानविकी संकाय के पास ही गर्ल्स हॉस्टल है। ऐसे में यहां लोगों के बैठकर शराब पीने से छात्राओं को भी परेशानी और डर का सामना करना पड़ता है। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि परिसर को शराब पीने का अड्डा न बनने दिया जाए। हर रविवार चलाते हैं प्लास्टिक मुक्त अभियान एबीवीपी कार्यकर्ता ने बताया कि संदीप पाठक के माध्यम से हर रविवार प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया जाता है। इसी अभियान के तहत रविवार को भी विश्वविद्यालय परिसर में सफाई की गई। इस दौरान परिसर में जगह-जगह पड़ी प्लास्टिक और अन्य कचरा हटाया गया। सफाई के दौरान मिलीं शराब की बोतलें कार्यकर्ताओं ने बताया कि सफाई के दौरान उन्हें कई शराब की बोतलें मिलीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को साफ करने के दौरान शराब की बोतलें मिलना सवाल खड़ा करता है कि ये बोतलें परिसर में कहां से आ रही हैं और लोग यहां शराब क्यों पी रहे हैं। ‘गर्ल्स हॉस्टल के पास बैठकर शराब पीते हैं लोग’ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिस जगह शराब की बोतलें मिली हैं, उसके बगल में गर्ल्स हॉस्टल भी है। उनका कहना है कि लोग यहां बैठकर शराब पीते हैं जिससे छात्राओं को बाहर आने-जाने में डर लगता है। प्रशासन से अपील- ऐसी स्थिति पैदा न हो कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि परिसर में ऐसी स्थिति पैदा न हो। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर शराब पीने का अड्डा नहीं बनना चाहिए। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए, ताकि यहां का माहौल ऐसा न बने कि छात्राओं को बाहर आने-जाने में परेशानी या डर महसूस हो।

