करनाल में धान खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन:मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला, किसानों ने सीएम का फूंका पुतला

करनाल में धान खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन:मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला, किसानों ने सीएम का फूंका पुतला

करनाल जिले की घरौंडा नई अनाज मंडी में धान खरीद की व्यवस्था को लेकर किसानों का गुस्सा रविवार को सामने आया। किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर धरना दिया और मुख्यमंत्री नायब सैनी का पुतला फूंका। किसानों का कहना है कि मंडी में धान की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन खरीद, उठान और मिलर्स की व्यवस्था सुचारू नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर हाईवे भी जाम किया जा सकता है। किसान भवन से नारेबाजी करते हुए मंडी पहुंचे
रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम के कोर कमेटी सदस्य जगदीप औलख की अगुवाई में किसान घरौंडा किसान भवन में एकत्रित हुए। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने गेट पर ताला लगा दिया और वहीं दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। बाद में मुख्यमंत्री नायब सैनी का पुतला फूंककर रोष जताया। किसानों ने सरकार पर लगाए आरोप
किसान नेता जगदीप औलख, बहादुर चंद मेहला और अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्री मंडियों में केवल फोटो खिंचवाने के लिए आ रहे हैं, जबकि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। किसानों के अनुसार अभी तक मिलर्स मंडी में नहीं पहुंचे हैं और खरीद के दौरान धान में जानबूझकर कमियां निकाली जा रही हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि पूरे हरियाणा में करीब साढ़े 7 लाख पोर्टल अभी सत्यापित नहीं हुए हैं। घरौंडा मंडी से जुड़े 315 मिलर्स में से एक भी खरीद नहीं कर रहा, जबकि 96 मिलर्स का माल पूरा है। किसानों का आरोप है कि जिन मिलर्स का माल पूरा नहीं है, उन्हें बचाने के लिए माल पूरा होने के बावजूद 96 मिलर्स भी खरीद नहीं कर रहे हैं और आपस में भाईचारा निभा रहे हैं। अंबाला के मिलर्स भेजने की मांग पर भी फैसला नहीं
किसानों ने बताया कि सरकार से अंबाला के मिलर्स को करनाल भेजने की मांग भी की गई थी, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक स्थानीय मिलर्स मंडी में नहीं आएंगे, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा।
उनके मुताबिक घरौंडा मंडी में सही तरीके से धान की खरीद नहीं हो पाई है। सरकार के दबाव में खरीद शुरू तो की गई, लेकिन धान का उठान नहीं हुआ। ट्रांसपोर्टर की व्यवस्था भी अभी तक नहीं की गई है। 3 अक्टूबर तक मंडी में 48 हजार क्विंटल से ज्यादा आवक
घरौंडा की नई अनाज मंडी में 3 अक्टूबर की शाम तक 48 हजार क्विंटल से ज्यादा धान की आवक हो चुकी थी। इसमें से सरकारी एजेंसियों ने 6 हजार क्विंटल से ज्यादा धान की खरीद की है। आंकड़ों के अनुसार हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 2,519 क्विंटल, हैफेड ने 1,545 क्विंटल और डीएफएससी ने 1,965 क्विंटल धान खरीदा है। मंडी में अब तक 912 गेट पास काटे जा चुके हैं। मंडी भरने पर नुकसान की जताई आशंका
किसान नेताओं ने कहा कि अगर खरीद और उठान की व्यवस्था जल्द ठीक नहीं हुई तो मंडियां धान से भर जाएंगी। उनका कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बाद मिलर्स, खरीददार, सरकार और ट्रांसपोर्टर सभी सक्रिय होंगे, लेकिन तब तक किसानों पर दबाव बढ़ जाएगा और उनकी धान औने-पौने दामों पर खरीदे जाने की आशंका रहेगी।
जगदीप औलख, बहादुर चंद मेहला और अन्य किसानों ने कहा कि वे किसानों के साथ ऐसा नहीं होने देंगे। किसानों ने अपने हक की लड़ाई जारी रखने की बात कही और सरकार को जल्द खरीद व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी।

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