कानपुर में मानसून के बाद जलभराव और मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए गुरुवार को रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल में संचारी रोग अभियान का शुभारंभ किया गया। सुबह 10:30 बजे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने फीता काटकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद अस्पताल परिसर में कर्मचारियों ने साफ-सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान शहर में मच्छरजनित और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय रहेंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि 1अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक संचारी रोग अभियान चलेगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से दस्तक अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानसून के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनती है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से गंदगी के साथ मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए अभियान के तहत ऐसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। डीएम ने बताया कि पिछले वर्ष जिन इलाकों में डेंगू के मरीज सामने आए थे, वहां इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के साथ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर को संचारी रोगों से सुरक्षित रखने के लिए विभागीय टीमें लगातार काम करेंगी। पीआईसीयू बिल्डिंग का करेंगे निरीक्षण कांशीराम अस्पताल की पीआईसीयू बिल्डिंग को लेकर डीएम ने कहा कि वह स्वयं इसका निरीक्षण करेंगे और इसे जल्द शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे। अस्पताल में न्यूरो सर्जन की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द न्यूरो सर्जन तैनात किए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके और उन्हें उपचार के लिए अन्य जगह न जाना पड़े। जलभराव खत्म कराने का आश्वासन कांशीराम अस्पताल परिसर में होने वाले जलभराव की समस्या पर भी डीएम ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी कमी सामने आएगी, उसे दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। साफ-सफाई, जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर रहेगा। इस दौरान सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमएस डॉ. पीयूष मिश्रा, एसीएमओ रमित रस्तोगी, समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

