कानपुर देहात में समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह पाल के भगवान हनुमान को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। सभा में दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो 1 सितंबर का बताया जा रहा है। अमर सिंह पाल ने हनुमान जी के लंका दहन और मकरध्वज से जुड़ी धार्मिक कथाओं पर सवाल उठाते हुए इन्हें तर्क और वैज्ञानिक सोच की कसौटी पर परखने की बात कही। अमर सिंह पाल ने मंच से कहा कि हनुमान जी लंका गए और रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगाई गई। इसके बाद उन्होंने उछल-उछलकर पूरी लंका में आग लगा दी और सोने की लंका जलकर राख हो गई। उन्होंने कहा कि वह करीब 30 साल से सुनार का काम कर रहे हैं और उनके अनुसार सोना जलता नहीं है। उनका कहना था कि मिट्टी का तेल और कपड़ा जल सकता है, लेकिन सोने की लंका नहीं जल सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लंका जल गई थी तो वह सोने की नहीं रही होगी। मकरध्वज की कथा पर भी उठाए सवाल सपा नेता ने हनुमान जी से जुड़ी मकरध्वज की कथा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंका जलाने के बाद हनुमान जी पूंछ की आग बुझाने के लिए समुद्र में कूदे और उनका पसीना समुद्र में चला गया। उनके मुताबिक, यह पसीना एक मछली के पेट में पहुंचा और उससे मकरध्वज का जन्म हुआ। अमर सिंह पाल ने इस कथा पर वैज्ञानिक तर्क देते हुए कहा कि पसीने में शुक्राणु नहीं होते और बिना शुक्राणु के गर्भधारण संभव नहीं है। उन्होंने मछली के अंडे देने की बात कहते हुए कहा कि मछली बच्चे को जन्म नहीं देती। बोले- तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए अमर सिंह पाल ने कहा कि लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उनका कहना था कि शिक्षा ग्रहण करने के बाद जब लोग मंच पर आएं तो तथ्यों के साथ बात करें और बात का मतलब भी समझें। उन्होंने कहा कि अगर लोग पाखंड की बातों में फंसे रहेंगे तो समाज का भला नहीं होगा। भाजपा नेता अनिल शुक्ला वारसी ने किया पलटवार सपा नेता के बयान पर भाजपा नेता, पूर्व सांसद और राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति अनिल शुक्ला वारसी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अमर सिंह पाल का काम रामायण की बुराई करना रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब हनुमान जी को लेकर भी गलत बातें की जा रही हैं। वारसी ने अमर सिंह पाल के कारोबार को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कानपुर में उनकी दुकान है और वह अकबरपुर के दलित व गरीब लोगों का सोना 3 प्रतिशत पर गिरवी रखते हैं। वारसी ने इसे गलत बताते हुए कहा कि जो लोग दलितों की बात करते हैं, वही उन्हीं को लूट रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बोले- धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली बातें न करें अनिल शुक्ला वारसी ने कहा कि कोई भगवान को माने या न माने, लेकिन इस तरह की टिप्पणी करके माहौल खराब किया जा रहा है। उन्होंने अमर सिंह पाल को दूसरे धर्मों से जुड़े धार्मिक मुद्दों पर भी टिप्पणी करने की चुनौती दी। वारसी ने आरोप लगाया कि मुसलमानों का वोट हासिल करने के लिए इस तरह की बातें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ टिप्पणी करने से समाज में विवाद पैदा होता है। फिलहाल, अमर सिंह पाल अपने बयान के जरिए धार्मिक कथाओं को तर्क और वैज्ञानिक सोच की कसौटी पर परखने की बात कर रहे हैं, जबकि अनिल शुक्ला वारसी ने इसे हिंदू आस्था और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर सवाल उठाया है। दोनों नेताओं के बयान सामने आने के बाद कानपुर देहात में यह मुद्दा सियासी चर्चा का विषय बन गया है।

