कानपुर चिड़ियाघर में शुक्रवार को एक बाइसन यानी जंगली भैंसे (गौर) की मौत हो गई। चिड़ियाघर के बाड़े में दो बाइसन अचानक आपस में लड़ने लगे। इस दौरान एक बाइसन का सींग दूसरे के पेट में घुस गया, जिससे उसके पेट में गहरा घाव हो गया। घायल बाइसन को इलाज के लिए चिड़ियाघर के पशु चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई। कानपुर चिड़ियाघर में पहले चार बाइसन थे, लेकिन शुक्रवार को एक की मौत के बाद अब इनकी संख्या घटकर तीन रह गई है। जानकारी के अनुसार, डॉ. नासिर घायल बाइसन को पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। डॉ. नासिर ने बाइसन का पोस्टमार्टम किया। बताया जा रहा है कि दूसरे बाइसन का सींग काफी जोर से उसके पेट में लगा था, जिससे उसे गंभीर चोट आई। सींग लगने से उसके पेट में गहरा घाव हो गया और अंदरूनी अंगों को भी नुकसान पहुंचा। अत्यधिक खून बह जाने को उसकी मौत का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इससे पहले, बीते 15 दिनों में कानपुर प्राणी उद्यान में चार काले हिरणों की मौत हो चुकी है। हिरणों की लगातार हो रही मौतों के मामले की जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की टीम भी मंगलवार को कानपुर चिड़ियाघर पहुंची थी।

