सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड के मचपकौनी गांव में प्रस्तावित घाट निर्माण पर विवाद हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर आपत्ति जताकर काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर घाट बन रहा है, वह कब्रिस्तान की भूमि है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने जमीन की मापी भी कराई है। सरकारी रिकॉर्ड की जांच की मांग ग्रामीणों का कहना है कि अगर सार्वजनिक उपयोग के लिए घाट बन रहा है, तो जमीन की सही स्थिति पहले साफ होनी चाहिए। उनका आरोप है कि जिस जगह पर काम शुरू हुआ है, उस जमीन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने मौके पर जमीन की मापी कराकर सीमांकन और जमीन की प्रकृति की जानकारी जुटाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की जांच कर यह साफ किया जाए कि यह जमीन किस श्रेणी में दर्ज है। ग्रामीणों की आपत्ति के बाद फिलहाल काम पर असर उनका कहना है कि जांच पूरी होने और जमीन की स्थिति साफ होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए। घाट निर्माण पर ग्रामीणों की आपत्ति के बाद फिलहाल काम पर असर पड़ा है। जमीन को लेकर उठे सवालों के बाद अब प्रशासनिक जांच और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति साफ होने का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर सही स्थिति सामने लाई जाए, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो। फिलहाल, विवादित जमीन की मापी के बाद प्रशासन की जांच पर सभी की नजर है। सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड के मचपकौनी गांव में प्रस्तावित घाट निर्माण पर विवाद हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर आपत्ति जताकर काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर घाट बन रहा है, वह कब्रिस्तान की भूमि है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने जमीन की मापी भी कराई है। सरकारी रिकॉर्ड की जांच की मांग ग्रामीणों का कहना है कि अगर सार्वजनिक उपयोग के लिए घाट बन रहा है, तो जमीन की सही स्थिति पहले साफ होनी चाहिए। उनका आरोप है कि जिस जगह पर काम शुरू हुआ है, उस जमीन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने मौके पर जमीन की मापी कराकर सीमांकन और जमीन की प्रकृति की जानकारी जुटाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की जांच कर यह साफ किया जाए कि यह जमीन किस श्रेणी में दर्ज है। ग्रामीणों की आपत्ति के बाद फिलहाल काम पर असर उनका कहना है कि जांच पूरी होने और जमीन की स्थिति साफ होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए। घाट निर्माण पर ग्रामीणों की आपत्ति के बाद फिलहाल काम पर असर पड़ा है। जमीन को लेकर उठे सवालों के बाद अब प्रशासनिक जांच और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति साफ होने का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर सही स्थिति सामने लाई जाए, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो। फिलहाल, विवादित जमीन की मापी के बाद प्रशासन की जांच पर सभी की नजर है।

