औरंगाबाद में 20 घंटे बाद मिला लड़की का शव:मां-बहन के साथ घर लौट रही थी, चचरी पुल से नीचे नदी में गिरी; रातभर टॉर्च की रोशनी में तलाश

औरंगाबाद में 20 घंटे बाद मिला लड़की का शव:मां-बहन के साथ घर लौट रही थी, चचरी पुल से नीचे नदी में गिरी; रातभर टॉर्च की रोशनी में तलाश

औरंगाबाद के मंजखड़-बलिगांव स्थित केशहर नदी पर बना बांस का जर्जर चचरी पुल एक परिवार के लिए मातम का कारण बन गया। पुल पार करने के दौरान मां और उसकी दो बेटियां नदी में गिर गईं। ग्रामीणों ने मां शोभा देवी और छोटी बेटी काजल कुमारी को तो बचा लिया, लेकिन 17 वर्षीय ब्यूटी कुमारी तेज धारा में बह गई। करीब 20 घंटे बाद शनिवार सुबह उसका शव बरामद किया गया। मृतका की पहचान शैलोपुर गांव निवासी दीपू साव की बेटी ब्यूटी कुमारी के रूप में हुई है। शुक्रवार को वह अपनी मां और बहन काजल के साथ बलिगांव बाजार खरीदारी करने गई थी। वापस लौटने के दौरान तीनों केशहर नदी पर बने बांस के चचरी पुल को पार कर रही थीं। इस दौरान पैर फिसल गया और तीनों नदी के तेज बहाव में बह गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए शोभा देवी और काजल को किसी तरह नदी से बाहर निकाल लिया। लेकिन ब्यूटी का कुछ पता नहीं चल सका था रातभर टॉर्च की रोशनी में तलाश, 20 घंटे बाद मिला शव मामले की सूचना मिलते ही रफीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से ब्यूटी की तलाश शुरू की गई। पुलिस की ओर से SDRF को भी सूचना दिए जाने की बात कही गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब 20 घंटे तक एनडीआरएफ या एसडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों ने ही रातभर नदी में तलाश जारी रखी। अंधेरे में टॉर्च की रोशनी के सहारे ग्रामीण नदी किनारे और आसपास के हिस्सों में खोजबीन करते रहे। शनिवार सुबह काफी मशक्कत के बाद ब्यूटी का शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतका के पिता दीपू साव इलेक्ट्रॉनिक ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। जवान बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वर्षों से पक्के पुल की मांग ब्यूटी की मौत के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि केशहर नदी पर वर्षों से पक्के पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने के कारण बांस का यह चचरी पुल बेहद खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद आवागमन के लिए इसी अस्थायी पुल का सहारा लेना पड़ता है। अगर यहां सुरक्षित और पक्का पुल होता तो शायद ब्यूटी की जान नहीं जाती। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ेगी। इस घटना को महज हादसा मानने के बजाय व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से मृतका के परिजनों को तत्काल चार लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही केशहर नदी पर अविलंब पक्का पुल बनाने, जर्जर चचरी पुल की स्थिति की जांच कराने और हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। औरंगाबाद के मंजखड़-बलिगांव स्थित केशहर नदी पर बना बांस का जर्जर चचरी पुल एक परिवार के लिए मातम का कारण बन गया। पुल पार करने के दौरान मां और उसकी दो बेटियां नदी में गिर गईं। ग्रामीणों ने मां शोभा देवी और छोटी बेटी काजल कुमारी को तो बचा लिया, लेकिन 17 वर्षीय ब्यूटी कुमारी तेज धारा में बह गई। करीब 20 घंटे बाद शनिवार सुबह उसका शव बरामद किया गया। मृतका की पहचान शैलोपुर गांव निवासी दीपू साव की बेटी ब्यूटी कुमारी के रूप में हुई है। शुक्रवार को वह अपनी मां और बहन काजल के साथ बलिगांव बाजार खरीदारी करने गई थी। वापस लौटने के दौरान तीनों केशहर नदी पर बने बांस के चचरी पुल को पार कर रही थीं। इस दौरान पैर फिसल गया और तीनों नदी के तेज बहाव में बह गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए शोभा देवी और काजल को किसी तरह नदी से बाहर निकाल लिया। लेकिन ब्यूटी का कुछ पता नहीं चल सका था रातभर टॉर्च की रोशनी में तलाश, 20 घंटे बाद मिला शव मामले की सूचना मिलते ही रफीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से ब्यूटी की तलाश शुरू की गई। पुलिस की ओर से SDRF को भी सूचना दिए जाने की बात कही गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब 20 घंटे तक एनडीआरएफ या एसडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों ने ही रातभर नदी में तलाश जारी रखी। अंधेरे में टॉर्च की रोशनी के सहारे ग्रामीण नदी किनारे और आसपास के हिस्सों में खोजबीन करते रहे। शनिवार सुबह काफी मशक्कत के बाद ब्यूटी का शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतका के पिता दीपू साव इलेक्ट्रॉनिक ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। जवान बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वर्षों से पक्के पुल की मांग ब्यूटी की मौत के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि केशहर नदी पर वर्षों से पक्के पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने के कारण बांस का यह चचरी पुल बेहद खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद आवागमन के लिए इसी अस्थायी पुल का सहारा लेना पड़ता है। अगर यहां सुरक्षित और पक्का पुल होता तो शायद ब्यूटी की जान नहीं जाती। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ेगी। इस घटना को महज हादसा मानने के बजाय व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से मृतका के परिजनों को तत्काल चार लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही केशहर नदी पर अविलंब पक्का पुल बनाने, जर्जर चचरी पुल की स्थिति की जांच कराने और हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।  

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