रहमान के गाने ने मुश्किल वक्त में अभय को संभाला:बोले- मैं सपने बेचना चाहता हूं, अब मेरी भूख बढ़ गई है

रहमान के गाने ने मुश्किल वक्त में अभय को संभाला:बोले- मैं सपने बेचना चाहता हूं, अब मेरी भूख बढ़ गई है

अभिनेता अभय वर्मा करियर के नए पड़ाव को लेकर उत्साहित हैं। ‘लईकी लईका’ में राशा थडानी के साथ नजर आने वाले अभय इसे अलग तरह की लव स्टोरी बताते हैं, जिसमें एक्शन भी है। वहीं ‘दिलकशी’ में हंसल मेहता और लिजो जोस पेल्लीसेरी जैसे दिग्गजों के साथ काम करने और एआर रहमान का संगीत मिलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। बढ़ती फीमेल फॉलोइंग को वह प्यार और सम्मान की अमानत मानते हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में अभय ने रिश्तों, शादी, जेनजी और टेक्नोलॉजी पर भी बेबाकी से बात की। पेश हैं कुछ प्रमुख अंश। सवाल: राशा थडानी के साथ ‘लईकी लईका’ में काम कर रहे हैं। यह फिल्म कैसी है? जवाब: यह बहुत अलग तरह की लव स्टोरी है। मैं उन प्रोड्यूसर्स का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में मुझ पर भरोसा किया, जबकि मेरा कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है। ‘‘लईकी लईका’’ में लव स्टोरी के साथ एक्शन भी है। यह दो ऐसे लोगों की कहानी है, जो अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठकर अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं। इसके डायरेक्टर सौरभ गुप्ता हैं और उन्होंने ही कहानी लिखी है। मैं इस फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड हूं। सवाल: हंसल मेहता के साथ ‘दिलकशी’ में काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: हंसल सर हमारे समय के लेजेंडरी फिल्ममेकर हैं। उनकी फिल्में देखकर हम बड़े हुए हैं। उनके साथ काम करने का मौका मिलना, उनके साथ बैठकर बातें करना और खाना खाना, मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मजेदार बात यह है कि जितने सीरियस वह दिखाई देते हैं, असल में उतने हैं नहीं। वह बहुत फनी इंसान हैं। उनके साथ बैठकर फिल्म और कहानी पर बात करना बहुत अच्छा अनुभव रहा। इस फिल्म का निर्देशन लिजो जोस पेल्लीसेरी सर कर रहे हैं। वह भी लेजेंडरी डायरेक्टर हैं और उनकी फिल्में इंटरनेशनल लेवल तक पहचान बना चुकी हैं। ‘दिलकशी’ बहुत अलग तरह की म्यूजिकल लव स्टोरी है। सवाल: एआर रहमान का संगीत आपके लिए कितना खास है और उनके साथ काम करने का सपना कैसे पूरा हुआ? जवाब: सबसे खास बात यह है कि ‘दिलकशी’ का म्यूजिक एआर रहमान सर दे रहे हैं। रहमान सर का संगीत मेरे लिए बहुत व्यक्तिगत मायने रखता है। जब मैं अपने मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब ‘तमाशा’ का उनका गाना ‘तू कोई और है’ मेरा बहुत पसंदीदा था और उस गाने ने मेरा बहुत साथ दिया। मेरे मन में सपना था कि कभी ऐसा हो कि मेरी शक्ल किसी फिल्म में हो और उसका संगीत रहमान सर का हो। अब ‘दिलकशी’ के जरिए वह सपना पूरा होता दिख रहा है। सवाल: आपकी फीमेल फॉलोइंग लगातार बढ़ रही है। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: मैं इसे प्यार और सम्मान के साथ देखता हूं। लोगों का प्यार मेरी सबसे बड़ी खुशी है। मैं इसे एक अमानत मानता हूं। दर्शक जब चाहें यह अमानत दे सकते हैं और जब चाहें अपने खजाने से और प्यार दे सकते हैं। मेरा काम है कि मैं इतनी मेहनत करूं कि यह प्यार बार-बार मिलता रहे। अभी तक जितना प्यार मिला है, उसने मेरी भूख कम नहीं की, बल्कि और बढ़ा दी है। सवाल: आपकी आइडियल पार्टनर कैसी होनी चाहिए? जवाब: सबसे पहले तो मैं 100 प्रतिशत सिंगल हूं। अगर मेरी पार्टनर होती है तो मैं चाहूंगा कि वह दिल खोलकर अपना काम करे, जो पहनना चाहे पहने और अपनी जिंदगी अपनी तरह जिए। वह मेरे काम को समझे और उसका सम्मान करे। मैं भी उसके काम और उसके परिवार का सम्मान करूंगा। हम जो भी बनते हैं, उसमें हमारे माता-पिता की परवरिश की बड़ी भूमिका होती है। इसलिए मैं चाहता हूं कि हम दोनों एक-दूसरे के माता-पिता को उतना ही सम्मान दें, जितना वे डिजर्व करते हैं। सवाल: क्या फिलहाल शादी या रिलेशनशिप का कोई प्लान है? जवाब: अभी मैं अपने काम को लेकर बहुत डेडिकेटेड हूं। बाकी चीजें फिलहाल मेरे लिए छोटी हैं। अगर भविष्य में कोई पार्टनर होती है तो मैं चाहता हूं कि वह अपनी जिंदगी खुलकर जिए, अपने काम को पूरी आजादी से करे और मैं उसका पूरा सपोर्ट करूं। मैं भी चाहता हूं कि वह मेरे काम और मेरे माता-पिता को उतना ही सम्मान दे, जितना मैं उसके काम और उसके परिवार को दूंगा। सवाल: आप जेनजी यानी अपनी जेनरेशन को किस नजर से देखते हैं? जवाब: हर पीढ़ी में अच्छे और बुरे लोग रहे हैं। आज हमारे पास बहुत सारी टेक्नोलॉजी है और अपनी बात रखने के कई तरीके हैं। इसमें मुझे कुछ गलत नहीं लगता। बस जरूरी है कि हम अपने संस्कार और बड़ों का सम्मान न भूलें। यह सिर्फ उम्र का नहीं, वैल्यू का भी सम्मान है। टेक्नोलॉजी हमारी ताकत भी बन सकती है और कमजोरी भी। फर्क सिर्फ इतना है कि हम उसे कितना अपने ऊपर हावी होने देते हैं। सवाल: जेनजी के लिए आपका खास संदेश क्या है? जवाब: सिर्फ इसलिए कि हम इस पीढ़ी में पैदा हुए हैं और हमारे पास सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी है, इसका मतलब यह नहीं कि हम गलत हैं। हमें ये टूल्स मिले हैं और इनका इस्तेमाल हमारे हाथ में है। अगर हम इनका सही इस्तेमाल करें तो बहुत सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। टेक्नोलॉजी ताकत भी है और कमजोरी भी। फर्क इस बात से पड़ता है कि हम उसे अपने ऊपर कितना हावी होने देते हैं। सवाल: पानीपत वाले युवा अभय से आज का अभय क्या कहेगा? जवाब: मैं उससे कहूंगा कि जो चीजें नहीं हुईं, उनका मलाल मत करना। जो हुआ वह आशीर्वाद है और जो नहीं हुआ, वह भी किसी न किसी तरह का आशीर्वाद है, क्योंकि वह आपको कुछ सिखाता है। मेरा मानना है कि ऊपर वाले का प्लान हमारी सोच से बड़ा होता है। अपनी नियत साफ रखिए। अगर नियत साफ है तो आपको अपने आइडल के साथ बैठने और उनके साथ काम करने का मौका भी मिल सकता है। जो नहीं हुआ, उसका दुख मत रखिए। हो सकता है कोई बहुत बड़ी चीज आपका इंतजार कर रही हो। सवाल: इस समय आपका सबसे बड़ा सपना क्या है? जवाब: मैं ‘सपने बेचना’ चाहता हूं। अगर मेरी एक्टिंग देखकर कोई इंसान अपने सपने पर भरोसा करने लगे और उसके लिए थोड़ा और मेहनत करे, तो मेरे लिए इससे बड़ी उपलब्धि नहीं होगी। मैं चाहता हूं कि मेरी जेनरेशन के लोग अपने सपनों की अहमियत समझें और उन्हें पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। _________________________________ अभय वर्मा का यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. अभय वर्मा को शाहरुख की किंग में मिला मौका:बोले- ‘मुंज्या’ के बाद सपने बड़े हुए; SRK ने कहा- जहां दिल लगे, वहीं काम करो ‘मुंज्या’ की सफलता के बाद अभय वर्मा के लिए शोहरत के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। वह कहते हैं कि सफलता ने उनकी भूख कम नहीं की, बल्कि सपनों को और बड़ा कर दिया। शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में काम करना उनके लिए सपने के सच होने जैसा रहा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभय ने अपने करियर, ‘मुंज्या’ की सफलता, बड़े होते सपनों और शाहरुख खान से मिली सीख पर बात की।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

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