नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के तीर्थयात्री पीडीडीयू स्टेशन पहुंचे:बोले- मौत के मुंह से निकलकर आए, चंदौली में डॉक्टरों ने बांटी दवाइयां और ओआरएस

नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के तीर्थयात्री पीडीडीयू स्टेशन पहुंचे:बोले- मौत के मुंह से निकलकर आए, चंदौली में डॉक्टरों ने बांटी दवाइयां और ओआरएस

चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में शनिवार को नेपाल में बाढ़ और आपदा के बीच फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों के सुरक्षित लौटने पर राहत की तस्वीर दिखाई दी। भारत सरकार और रेलवे की विशेष पहल के बाद यात्रियों को लेकर विशेष ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंची। स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों, चिकित्सकों, समाजसेवियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने यात्रियों का स्वागत किया और उनके लिए खान-पान, पानी, ओआरएस और चिकित्सा की व्यवस्था की। नेपाल से लौटे यात्रियों ने वहां के भयावह हालात सुनाए तो उनकी आंखों में डर साफ नजर आया। यात्रियों ने बताया कि आपदा के दौरान रास्ते बंद हो गए थे और मोबाइल फोन भी काम करना बंद कर चुके थे। ऐसे में परिवार के लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। कई घंटे तक वे डर और अनिश्चितता के बीच फंसे रहे। रक्सौल बॉर्डर पहुंचने के बाद उन्हें सुरक्षित भारत आने की उम्मीद जगी। ऋषिकेश त्रिपाठी ने बताया कि करीब 114 लोग नेपाल से बिहार के रास्ते नागपुर जा रहे थे। कुछ यात्री हवाई और सड़क मार्ग से निकल गए, जबकि 104 से अधिक यात्रियों को ट्रेन के जरिए वापस लाया गया। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ नेपाल और बिहार सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया। शिव महापुराण कथा के दौरान आई आपदा यात्री रमेश जुड़ेकर ने बताया कि वे नेपाल में शिव महापुराण कथा में शामिल होने गए थे। इसी दौरान अचानक आपदा की स्थिति बन गई। रास्ते बंद होने के कारण उन्हें कई बार अपना रास्ता बदलना पड़ा और वापस लौटना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद वे रक्सौल बॉर्डर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि नेपाल में हालात बेहद भयावह थे। लंबे समय तक यह समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा और सुरक्षित बाहर निकल पाएंगे या नहीं। भारत पहुंचने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। दो एसी थ्री-टियर कोच लगाकर भेजे गए यात्री रेलवे ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेन में दो एसी थ्री-टियर कोच लगाए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना समेत रेलवे के अधिकारियों, आरपीएफ जवानों, स्काउट्स एंड गाइड्स और अन्य रेलकर्मियों ने यात्रियों की व्यवस्थाएं संभालीं। स्टेशन पर यात्रियों के लिए पीने का पानी, भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया। यात्रियों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी मुहैया कराई गईं।
डॉक्टरों ने जांच कर बांटी दवाइयां और ओआरएस भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. केएन पांडेय अपनी टीम के साथ स्टेशन पहुंचे। टीम ने यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराईं। यात्रियों को नाश्ता, चाय-पानी और ओआरएस भी दिया गया। यात्री विमला राजीव प्रसाद चौबे ने बताया कि नेपाल में पशुपतिनाथ दर्शन के दौरान उन्होंने ऐसे दृश्य देखे, जिन्हें वह जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगी। यात्रियों ने सुरक्षित भारत लौटने पर राहत जताई और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

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