औरंगाबाद के देव थाना क्षेत्र के दधपा गांव में टेकारी नदी में पैर फिसलने से 78 साल के बुजुर्ग के डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से परिजन और स्थानीय ग्रामीण नदी में उनकी तलाश में जुटे हैं। काफी देर तक खोजबीन के बावजूद बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिल सका है। लापता बुजुर्ग की पहचान दधपा गांव निवासी बैजनाथ तिवारी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि बैजनाथ तिवारी नदी की ओर गए थे। इसी दौरान पैर फिसलने के कारण उनके नदी में गिरने की आशंका है। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। नदी किनारे उनकी चप्पल और डंडा मिला। दोनों सामान मिलने के बाद परिजनों को उनके नदी में डूबने की आशंका हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने नदी में उतरकर अलग-अलग स्थानों पर बुजुर्ग की तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने काफी देर तक नदी में खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बुजुर्ग के लापता होने की खबर से गांव में चिंता का माहौल है। गांव के लोगों और परिजन ने बचाव दल भेजने की मांग घटना के बाद बैजनाथ तिवारी के परिजन लगातार नदी किनारे उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। वहीं, ग्रामीण भी अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। नदी में पानी और बहाव को देखते हुए ग्रामीणों को आशंका है कि स्थानीय स्तर पर खोजबीन से बुजुर्ग को ढूंढना मुश्किल हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए बचाव दल और गोताखोरों की मदद से नदी में व्यापक तलाश अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय बीतने के साथ चिंता बढ़ती जा रही है, इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द राहत एवं बचाव टीम उपलब्ध करानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। फिलहाल परिजन और ग्रामीण नदी किनारे डटे हुए हैं और बुजुर्ग की तलाश जारी है। प्रशासनिक स्तर पर बचाव अभियान शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। औरंगाबाद के देव थाना क्षेत्र के दधपा गांव में टेकारी नदी में पैर फिसलने से 78 साल के बुजुर्ग के डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से परिजन और स्थानीय ग्रामीण नदी में उनकी तलाश में जुटे हैं। काफी देर तक खोजबीन के बावजूद बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिल सका है। लापता बुजुर्ग की पहचान दधपा गांव निवासी बैजनाथ तिवारी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि बैजनाथ तिवारी नदी की ओर गए थे। इसी दौरान पैर फिसलने के कारण उनके नदी में गिरने की आशंका है। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। नदी किनारे उनकी चप्पल और डंडा मिला। दोनों सामान मिलने के बाद परिजनों को उनके नदी में डूबने की आशंका हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने नदी में उतरकर अलग-अलग स्थानों पर बुजुर्ग की तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने काफी देर तक नदी में खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बुजुर्ग के लापता होने की खबर से गांव में चिंता का माहौल है। गांव के लोगों और परिजन ने बचाव दल भेजने की मांग घटना के बाद बैजनाथ तिवारी के परिजन लगातार नदी किनारे उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। वहीं, ग्रामीण भी अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। नदी में पानी और बहाव को देखते हुए ग्रामीणों को आशंका है कि स्थानीय स्तर पर खोजबीन से बुजुर्ग को ढूंढना मुश्किल हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए बचाव दल और गोताखोरों की मदद से नदी में व्यापक तलाश अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय बीतने के साथ चिंता बढ़ती जा रही है, इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द राहत एवं बचाव टीम उपलब्ध करानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। फिलहाल परिजन और ग्रामीण नदी किनारे डटे हुए हैं और बुजुर्ग की तलाश जारी है। प्रशासनिक स्तर पर बचाव अभियान शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।

