शारदीय नवरात्र के बीच औरंगाबाद शहर में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। मंगलवार को मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने महावीर क्लब दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस पहल के माध्यम से दोनों समुदायों के बीच आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया। पैगाम इंसानियत के जिलाध्यक्ष मो. शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के सदस्य महावीर क्लब के पूजा पंडाल पहुंचे। यहां पूजा समिति के सदस्यों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमा और गुलाब के फूल भेंट कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया गया। इस दौरान माहौल आपसी सौहार्द और सद्भाव से सराबोर रहा। मुस्लिम समुदाय की इस पहल की चर्चा करते हुए लोगों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान एक-दूसरे का सम्मान करना सामाजिक एकता को मजबूत बनाता है। ऐसे प्रयास समाज में प्रेम, विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। ‘औरंगाबाद हमेशा से शांति और सौहार्द का प्रतीक रहा है’ पैगाम इंसानियत के जिलाध्यक्ष मो. शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान ने कहा कि औरंगाबाद शहर हमेशा से शांति और सौहार्द का प्रतीक रहा है। यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। यही आपसी भाईचारा शहर की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। आपसी प्रेम और सद्भाव की भावना से ही समाज के लोग सुरक्षित और खुशहाल रह सकते हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की कि ऐसा कोई कार्य नहीं करें, जिससे समाज या जिले की छवि खराब हो। सल्लू खान ने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है, जिसके हाथ और जुबान से किसी दूसरे व्यक्ति को तकलीफ नहीं पहुंचे। सभी धर्मों का सम्मान करना और जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा होना इंसानियत की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के अवसर पर मुस्लिम समुदाय का सहयोग हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में आपसी सहभागिता से लोगों के बीच दूरियां कम होती हैं और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ता है। ऐसे प्रयासों को लगातार जारी रखने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी एकता और भाईचारे की सीख मिल सके। दुर्गा पूजा पंडाल में आरती में हुए शामिल, ग्रहण किया प्रसाद मंगलवार की शाम मुस्लिम समुदाय के सदस्य महावीर क्लब के दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। वहां उन्होंने मां दुर्गा की आरती में भाग लिया और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान दोनों समुदायों के सदस्यों ने आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प दोहराया। सल्लू खान ने कहा कि नवरात्र जैसे धार्मिक अवसर समाज को एक-दूसरे के करीब आने का मौका देते हैं। आपसी सहयोग और सम्मान से ही सामाजिक एकता मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की के लिए शांति और भाईचारा जरूरी है। सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि वे मिल-जुलकर रहें और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखें। महावीर क्लब दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों को सम्मानित करने और पूजा पंडाल में आरती में शामिल होने की इस पहल ने आपसी सौहार्द का सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान महावीर क्लब के अध्यक्ष कपिल कुमार सिंह, सदस्य प्रेम तिवारी, नीरज कुमार, सोनू सिंह, सतीश कुमार, सूर्या सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। शारदीय नवरात्र के बीच औरंगाबाद शहर में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। मंगलवार को मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने महावीर क्लब दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस पहल के माध्यम से दोनों समुदायों के बीच आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया। पैगाम इंसानियत के जिलाध्यक्ष मो. शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के सदस्य महावीर क्लब के पूजा पंडाल पहुंचे। यहां पूजा समिति के सदस्यों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमा और गुलाब के फूल भेंट कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया गया। इस दौरान माहौल आपसी सौहार्द और सद्भाव से सराबोर रहा। मुस्लिम समुदाय की इस पहल की चर्चा करते हुए लोगों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान एक-दूसरे का सम्मान करना सामाजिक एकता को मजबूत बनाता है। ऐसे प्रयास समाज में प्रेम, विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। ‘औरंगाबाद हमेशा से शांति और सौहार्द का प्रतीक रहा है’ पैगाम इंसानियत के जिलाध्यक्ष मो. शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान ने कहा कि औरंगाबाद शहर हमेशा से शांति और सौहार्द का प्रतीक रहा है। यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। यही आपसी भाईचारा शहर की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। आपसी प्रेम और सद्भाव की भावना से ही समाज के लोग सुरक्षित और खुशहाल रह सकते हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की कि ऐसा कोई कार्य नहीं करें, जिससे समाज या जिले की छवि खराब हो। सल्लू खान ने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है, जिसके हाथ और जुबान से किसी दूसरे व्यक्ति को तकलीफ नहीं पहुंचे। सभी धर्मों का सम्मान करना और जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा होना इंसानियत की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के अवसर पर मुस्लिम समुदाय का सहयोग हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में आपसी सहभागिता से लोगों के बीच दूरियां कम होती हैं और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ता है। ऐसे प्रयासों को लगातार जारी रखने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी एकता और भाईचारे की सीख मिल सके। दुर्गा पूजा पंडाल में आरती में हुए शामिल, ग्रहण किया प्रसाद मंगलवार की शाम मुस्लिम समुदाय के सदस्य महावीर क्लब के दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। वहां उन्होंने मां दुर्गा की आरती में भाग लिया और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान दोनों समुदायों के सदस्यों ने आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प दोहराया। सल्लू खान ने कहा कि नवरात्र जैसे धार्मिक अवसर समाज को एक-दूसरे के करीब आने का मौका देते हैं। आपसी सहयोग और सम्मान से ही सामाजिक एकता मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की के लिए शांति और भाईचारा जरूरी है। सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि वे मिल-जुलकर रहें और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखें। महावीर क्लब दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों को सम्मानित करने और पूजा पंडाल में आरती में शामिल होने की इस पहल ने आपसी सौहार्द का सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान महावीर क्लब के अध्यक्ष कपिल कुमार सिंह, सदस्य प्रेम तिवारी, नीरज कुमार, सोनू सिंह, सतीश कुमार, सूर्या सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

