औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड की कोचाढ़ पंचायत स्थित केशव हाई स्कूल परिसर में मंगलवार को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए सहयोग शिविर सह सेवा सेतु शिविर-सरकार आपके द्वार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित आवेदन दिए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद डीएम, एसपी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने डीएम और एसपी को पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। शिविर को संबोधित करते हुए डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को पंचायत स्तर पर ही सुनना और उनका यथासंभव त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला या प्रखंड कार्यालय का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों को उनके घर के समीप उपलब्ध कराने की दिशा में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 103 आवेदन मिले, 99 का मौके पर ही किया गया निष्पादन डीएम ने बताया कि औरंगाबाद जिला जनसमस्याओं के निष्पादन के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जिले में प्राप्त मामलों के निष्पादन की दर 98 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक पदाधिकारियों और कर्मियों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। कोचाढ़ पंचायत में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 103 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 99 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया। शेष आवेदनों के निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निष्पादन किया जाए। किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से इंतजार नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया। शिविर में राशन कार्ड में नाम जोड़ने, मनरेगा जॉब कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना समेत कई सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। डीएम ने कहा कि शिविर का उद्देश्य सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें योजनाओं की सही एवं पूरी जानकारी उपलब्ध कराना भी है। स्वास्थ्य से लेकर पेंशन तक, लगाए गए कई विभागों के स्टॉल शिविर परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना समेत कई योजनाओं से संबंधित काउंटर शामिल थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से भी स्टॉल लगाए गए। इन काउंटरों पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों को दवा वितरण के साथ नेत्र जांच, रक्त जांच और रक्तचाप जांच की सुविधा दी गई। आयुष्मान भारत कार्ड एवं यूडीआईडी कार्ड से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से प्राप्त आवेदनों और लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभुकों को उसका लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाए। लाभुकों को बांटे गए प्रमाण-पत्र, पोषण माह में हुई गोद भराई शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने लाभुकों के बीच वासगीत पर्चा, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र का वितरण किया। इससे लाभुकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ मिला। वहीं, पोषण माह के तहत डीएम और एसपी की मौजूदगी में गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का लाभ उठाएं और अपने आसपास के पात्र लोगों को भी सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक की समस्या का समाधान शिविर में तत्काल नहीं हो पाता है तो वह sahyog.bihar.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल कर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ग्रामीण प्रशासन को अपनी समस्या के साथ सुझाव और फीडबैक भी दे सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि प्रशासन जनता के द्वार पहुंचे, समस्याएं सुने और उनके समाधान को सुनिश्चित करे। शिविर में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, बीडीओ, सीओ, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड की कोचाढ़ पंचायत स्थित केशव हाई स्कूल परिसर में मंगलवार को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए सहयोग शिविर सह सेवा सेतु शिविर-सरकार आपके द्वार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित आवेदन दिए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद डीएम, एसपी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने डीएम और एसपी को पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। शिविर को संबोधित करते हुए डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को पंचायत स्तर पर ही सुनना और उनका यथासंभव त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला या प्रखंड कार्यालय का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों को उनके घर के समीप उपलब्ध कराने की दिशा में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 103 आवेदन मिले, 99 का मौके पर ही किया गया निष्पादन डीएम ने बताया कि औरंगाबाद जिला जनसमस्याओं के निष्पादन के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जिले में प्राप्त मामलों के निष्पादन की दर 98 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक पदाधिकारियों और कर्मियों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। कोचाढ़ पंचायत में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 103 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 99 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया। शेष आवेदनों के निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निष्पादन किया जाए। किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से इंतजार नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया। शिविर में राशन कार्ड में नाम जोड़ने, मनरेगा जॉब कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना समेत कई सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। डीएम ने कहा कि शिविर का उद्देश्य सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें योजनाओं की सही एवं पूरी जानकारी उपलब्ध कराना भी है। स्वास्थ्य से लेकर पेंशन तक, लगाए गए कई विभागों के स्टॉल शिविर परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना समेत कई योजनाओं से संबंधित काउंटर शामिल थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से भी स्टॉल लगाए गए। इन काउंटरों पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों को दवा वितरण के साथ नेत्र जांच, रक्त जांच और रक्तचाप जांच की सुविधा दी गई। आयुष्मान भारत कार्ड एवं यूडीआईडी कार्ड से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से प्राप्त आवेदनों और लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभुकों को उसका लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाए। लाभुकों को बांटे गए प्रमाण-पत्र, पोषण माह में हुई गोद भराई शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने लाभुकों के बीच वासगीत पर्चा, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र का वितरण किया। इससे लाभुकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ मिला। वहीं, पोषण माह के तहत डीएम और एसपी की मौजूदगी में गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का लाभ उठाएं और अपने आसपास के पात्र लोगों को भी सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक की समस्या का समाधान शिविर में तत्काल नहीं हो पाता है तो वह sahyog.bihar.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल कर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ग्रामीण प्रशासन को अपनी समस्या के साथ सुझाव और फीडबैक भी दे सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि प्रशासन जनता के द्वार पहुंचे, समस्याएं सुने और उनके समाधान को सुनिश्चित करे। शिविर में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, बीडीओ, सीओ, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

