पटना स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदाता सूची में फर्जी नाम शामिल किए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर अब इसका सघन भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। आयोग के आदेशानुसार जिले के सभी अंचलाधिकारियों को मतदाता सूची की बारीकी से जांच कर अपात्र मतदाताओं को चिह्नित करने और उनके नाम हटाने का जिम्मा सौंपा गया है। जिला उपनिर्वाची पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि मतदाता सूची की पारदर्शिता के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार केवल वही शिक्षक मतदाता बनने की पात्रता रखते हैं, जो लगातार तीन वर्षों तक किसी एक ही मान्यता प्राप्त विद्यालय में सेवारत रहे हों। इस मानक को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों को मतदाता नहीं माना जाएगा और उनके नाम सूची से बाहर किए जाएंगे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नालंदा जिले में पटना स्नातक एमएलसी के कुल 31,951 और शिक्षक एमएलसी के 3,598 मतदाता दर्ज हैं। 29 सितंबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया निर्वाचन कार्यक्रम के तहत 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन का दौर शुरू हो जाएगा, जो 6 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 9 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। दोनों सीटों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न करा ली जाएगी। अंचल और प्रखंड कार्यालयों में बनेंगे मतदान केंद्र मतदान को सुगम बनाने के लिए हर अंचल और प्रखंड कार्यालय परिसर में मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। शिक्षक मतदाताओं के लिए संबंधित अंचल कार्यालय परिसर में और स्नातक मतदाताओं के लिए प्रखंड कार्यालय परिसर में बूथ बनाए जाएंगे। चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही जिले में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कई स्थापित राजनेताओं के साथ-साथ इस बार निर्दलीय दावेदार भी पूरी ताकत से मैदान में उतरकर मतदाताओं को साधने में जुट गए हैं। पटना स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदाता सूची में फर्जी नाम शामिल किए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर अब इसका सघन भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। आयोग के आदेशानुसार जिले के सभी अंचलाधिकारियों को मतदाता सूची की बारीकी से जांच कर अपात्र मतदाताओं को चिह्नित करने और उनके नाम हटाने का जिम्मा सौंपा गया है। जिला उपनिर्वाची पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि मतदाता सूची की पारदर्शिता के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार केवल वही शिक्षक मतदाता बनने की पात्रता रखते हैं, जो लगातार तीन वर्षों तक किसी एक ही मान्यता प्राप्त विद्यालय में सेवारत रहे हों। इस मानक को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों को मतदाता नहीं माना जाएगा और उनके नाम सूची से बाहर किए जाएंगे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नालंदा जिले में पटना स्नातक एमएलसी के कुल 31,951 और शिक्षक एमएलसी के 3,598 मतदाता दर्ज हैं। 29 सितंबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया निर्वाचन कार्यक्रम के तहत 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन का दौर शुरू हो जाएगा, जो 6 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 9 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। दोनों सीटों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न करा ली जाएगी। अंचल और प्रखंड कार्यालयों में बनेंगे मतदान केंद्र मतदान को सुगम बनाने के लिए हर अंचल और प्रखंड कार्यालय परिसर में मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। शिक्षक मतदाताओं के लिए संबंधित अंचल कार्यालय परिसर में और स्नातक मतदाताओं के लिए प्रखंड कार्यालय परिसर में बूथ बनाए जाएंगे। चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही जिले में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कई स्थापित राजनेताओं के साथ-साथ इस बार निर्दलीय दावेदार भी पूरी ताकत से मैदान में उतरकर मतदाताओं को साधने में जुट गए हैं।

