ईडी ने 16 और ईओडब्ल्यू ने 3 जगह मारा छापा:नगदी-मोबाइल और दस्तावेज जब्त, शराब, कोल लेवी, डीएमएफ और मेडिकल घोटाले में 6 जिलों में कार्रवाई

ईडी ने 16 और ईओडब्ल्यू ने 3 जगह मारा छापा:नगदी-मोबाइल और दस्तावेज जब्त, शराब, कोल लेवी, डीएमएफ और मेडिकल घोटाले में 6 जिलों में कार्रवाई

शराब, कोल लेवी, मेडिकल उपकरण खरीदी और डीएमएफ घोटाले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार तड़के ईडी और ईओडब्ल्यू की अलग-अलग टीमों ने छापेमारी की। ईओडब्ल्यू ने रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा और बिलासपुर समेत छह जिलों के 16 ठिकानों पर तलाशी ली। वहीं, ईडी ने कारोबारी अनवर ढेबर समेत तीन जिलों में छह से अधिक ठिकानों पर जांच की। देर शाम तक कार्रवाई पूरी कर टीमें लौट गईं। इस दौरान नकदी, मोबाइल और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। कोरबा के कटघोरा में नगर पालिका अध्यक्ष और कांग्रेस नेता राज जायसवाल तथा नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकानों की जांच हुई। राजनांदगांव में कारोबारी जय बग्गा, वैभव गोलछा, उनके दो साझेदारों और सुदर्शन शर्मा समेत अन्य लोगों के ठिकानों पर दबिश दी गई। कोरबा में एक ठेकेदार और सीएमओ के यहां भी कार्रवाई की गई। ईओडब्ल्यू की टीम शुक्रवार तड़के राजनांदगांव पहुंची। एक टीम ने लालबाग स्थित जय बग्गा के घर और व्यावसायिक परिसर में तलाशी ली, जबकि दूसरी टीम सनसिटी स्थित वैभव गोलछा के मकान और कार्यालय पहुंची। सुदर्शन शर्मा और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों की भी जांच की गई। जय बग्गा राजनांदगांव में होटल रैलीज का कारोबार करते हैं। रैलीज मोटो प्लांट का उद्घाटन अगस्त 2022 में तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने किया था। राजनांदगांव दौरे के दौरान लखमा इसी होटल में ठहरते थे। वहीं, वैभव गोलछा जमीन और रेत खदान के कारोबार से जुड़े रहे हैं। दोनों को पूर्व मंत्री का करीबी बताया जाता है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छुरिया और डोंगरगांव क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ आदिवासी जमीन खरीदी गई थी। इन जमीनों की रजिस्ट्री जय बग्गा, वैभव गोलछा और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नाम पर होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी जमीन खरीदी और कथित शराब घोटाले की रकम के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और गरियाबंद में भी दबिश रायपुर के वीआईपी स्टेट में रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के घर ईओडब्ल्यू ने दस्तावेज खंगाले। भिलाई-3 के वसुंधरा नगर में ट्रांसपोर्टर जितेंद्र सिंह के घर सुबह करीब आठ बजे टीम पहुंची। यह कार्रवाई उनके साले संतोष सिंह से जुड़े मामले में की गई। संतोष इसी मकान में रहते हैं और ऑयल तथा ट्रांसपोर्ट का कारोबार संभालते हैं। बिलासपुर के उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में कोल कारोबारी खान के घर तलाशी ली गई। गरियाबंद के राजिम में कारोबारी विमल पारख और राजा पारख के प्रतिष्ठान शांति विजय, नवकार ज्वेलर्स तथा राजा पारख के निवास पर जांच की गई। कोरबा के कटघोरा में डीएमएफ घोटाले की जांच के सिलसिले में कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच के साथ पूछताछ की गई। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, शराब घोटाले में रायपुर और राजनांदगांव के छह ठिकानों पर तलाशी ली गई। कोल लेवी घोटाले में कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के छह तथा मेडिकल घोटाले में रायपुर और गरियाबंद के चार ठिकानों पर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं, अवैध लेन-देन और संपत्तियों की रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण तथा अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं। शराब और कोल लेवी घोटाले की अंतिम चार्जशीट की तैयारी, लखमा और रानू के करीबी जांच के दायरे में ईडी और ईओडब्ल्यू 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले और 540 करोड़ रुपए के कोल लेवी घोटाले में अंतिम आरोपपत्र की तैयारी कर रही हैं। जांच में कथित तौर पर शामिल अंतिम कड़ियों तक पहुंचने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को पूर्व मंत्री कवासी लखमा और निलंबित आईएएस रानू साहू के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनमें कांग्रेस नेता, कारोबारी और ठेकेदार समेत अन्य लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, जिन लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए, उनकी भूमिका घोटालों से अर्जित कथित अवैध रकम को वैध दिखाने और उसे संपत्तियों तथा दूसरे कारोबारों में अन्य लोगों के नाम पर निवेश करने से जुड़ी हो सकती है। एजेंसियां इन निवेशों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही हैं।

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