इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट: 2.95 किमी सुरंग की लाइनिंग पूरी:अब ट्रैक बिछाने का काम तेज, रेस्क्यू शाफ्ट और वेंटिलेशन का काम भी जारी

इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट: 2.95 किमी सुरंग की लाइनिंग पूरी:अब ट्रैक बिछाने का काम तेज, रेस्क्यू शाफ्ट और वेंटिलेशन का काम भी जारी

इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत बन रही करीब 2.95 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरंग की लाइनिंग का काम पूरा हो चुका है। अब अंदर ट्रैक बिछाने के साथ ड्रेनेज, पीसीसी और सुरक्षा से जुड़े अन्य कामों को गति दी गई है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के मुताबिक, सुरंग में कई निर्माण कार्य समानांतर चल रहे हैं। लाइनिंग पूरी होने के बाद अब बैलास्टलेस ट्रैक और अन्य सिविल वर्क पर विशेष फोकस किया जा रहा है। 1216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक तैयार पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सुरंग में अब तक 1216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक तैयार हो चुका है। वर्तमान में 810 मीटर हिस्से में ट्रैक बिछाने का काम जारी है। पीसीसी की फाइनल लेयर का 1470 मीटर और पहली लेयर का 2007 मीटर काम पूरा हो चुका है। फिलहाल 740 मीटर में पीसीसी का काम चल रहा है। पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज तैयार सुरंग में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण भी साथ-साथ किया जा रहा है। दोनों तरफ की साइड ड्रेन, इनवर्ट ड्रेन और अन्य संरचनात्मक कार्यों का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। कट एंड कवर सेक्शन में ओवरट रिइनफोर्समेंट और लाइनिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। बाकी ड्रेनेज और बैकफिलिंग जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इमरजेंसी में बचाव के इंतजाम सुरंग में यात्रियों की सुरक्षा के लिए रिफ्यूज निच और रेस्क्यू शाफ्ट बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा वेंटिलेशन डक्ट और एग्जॉस्ट फैन लगाने का काम भी जारी है। इन व्यवस्थाओं से सुरंग के भीतर हवा का प्रवाह बनाए रखने और आपात स्थिति में धुआं बाहर निकालने में मदद मिलेगी। आधुनिक मशीनों से निर्माण को रफ्तार पश्चिम रेलवे का निर्माण विभाग सुरंग के बाकी सिविल कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए आधुनिक मशीनरी और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है। ट्रैक, ड्रेनेज और अन्य निर्माण कार्यों को समानांतर गति दी जा रही है। MP-गुजरात के बीच रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे यात्रियों के लिए आवागमन आसान होने के साथ माल परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी इस परियोजना से फायदा मिल सकता है।

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