राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के नियमों को दरकिनार कर जिला अस्पताल में 17 स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन की भर्ती के मामले में शासन ने सख्ती शुरू कर दी है। भर्ती के दौरान तैनात रहीं दो महिला सीएमएस से 50 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी की जाएगी। जिला प्रशासन को शासन की ओर से रिकवरी के साथ ही पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने भर्ती से जुड़े दस्तावेज और तत्कालीन अधिकारियों से जानकारी मांगी है। क्या था मामला इसे समझे
जिला अस्पताल में साल 2023 के अगस्त और साल 2025 के अलग-अलग महीनों में 15 स्टाफ नर्स और दो लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई थी। जबकि एनएचएम मुख्यालय पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि मानव संसाधन से जुड़ी भर्तियां स्थानीय स्तर पर नहीं की जा सकती हैं। इसके बावजूद जिला अस्पताल में नियुक्तियां की गईं। इन कर्मचारियों को साल 2023 से इस साल जून तक एनएचएम से वेतन भी मिलता रहा। तत्कालीन सीएमएस को नोटिस
अब प्रशासन भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं, जिम्मेदारी और कर्मचारियों को दिए गए वेतन समेत पूरे मामले की जांच कर रहा है। इसी आधार पर दोनों तत्कालीन सीएमएस से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान सीएमएस डॉ.अशोक कुमार झा ने बताया कि प्रशासन ने 17 कर्मियों की भर्ती से संबंधित जानकारी मांगी है। भर्ती के दौरान तैनात रहीं दोनों सीएमएस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

