औरंगाबाद में सोमवार को 2 दिवसीय गजना महोत्सव का शुभारंभ हो गया। पहले दिन इंडियन आइडल फेम गायिका मुधुरिमा बसु ने प्रस्तुति दी। इसके अलावा विधायक ने भी मंच पर आकर गाना गाया। जैसे ही वह मंच पर पहुंचीं, दर्शक झूमने लगे। तालियों से पूरा पंडाल गूंज उठा। मधुरिमा बसु ने अपने गायन की शुरुआत भजन से की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शक देर तक उनकी प्रस्तुति का आनंद लेते रहे। ‘डफली वाले डफली बजा’ सहित अन्य गाने सुनाएं। कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ महोत्सव का उद्घाटन, अतिथियों ने मंदिर में टेका मत्था महोत्सव के उद्घाटन से पहले अतिथियों ने गजना मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। उन्होंने पुजारी और स्थानीय लोगों से मंदिर की धार्मिक महत्ता और इससे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी ली। इसके बाद एमएलसी दिलीप कुमार सिंह, कुटुंबा विधायक ललन राम, डीएम अभिलाषा शर्मा, एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा, पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह, एडीएम अनुग्रह नारायण सिंह, एसडीएम गौरव सिंह, एसडीपीओ सुशील कुमार, न्यास समिति के अध्यक्ष महंत अवध बिहारी दास, नवीनगर प्रमुख चित्रा कुमारी, जिला परिषद सदस्य हरिराम, उप प्रमुख लव कुमार सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह उर्फ बड़का बाबू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर और फीता काटकर महोत्सव का उद्घाटन किया।
अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एडीएम अनुग्रह नारायण सिंह ने स्वागत भाषण दिया। गजना न्यास समिति के अध्यक्ष महंत अवध बिहारी दास ने कहा कि महोत्सव का मतलब सबके हृदय में उत्सव का भाव पैदा करना है। उन्होंने गजना धाम की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है। गजना धाम के विकास के लिए सड़क, पेयजल और धर्मशाला निर्माण की मांग स्थानीय मुखिया टुन्ना सिंह ने गजना धाम के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस धार्मिक स्थल का बेहतर विकास होना चाहिए। इसके लिए मंदिर तक आने वाली सड़कों की मरम्मत, पेयजल की व्यवस्था, हाईमास्ट लाइट लगाने और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला निर्माण कराने की मांग उठाई। उन्होंने सरकारी स्तर पर महोत्सव आयोजित कराने के लिए जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया। एमएलसी दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि गजना धाम की महिमा अपरंपार है। यहां मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं, कुटुंबा विधायक ललन राम ने कहा कि गजना धाम के आसपास रहने वाले लोग भी पूजनीय हैं। महोत्सव तभी महाउत्सव में बदलेगा, जब स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के मार्ग पर चलते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहे हैं।
गजना धाम की पहचान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना लक्ष्य: डीएम डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि गजना धाम की धरती पर उपस्थित होकर उन्हें प्रसन्नता और गौरव की अनुभूति हो रही है। गजना महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा, लोक संस्कृति और समृद्ध विरासत को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि नवीनगर प्रखंड में बिहार-झारखंड सीमा के निकट स्थित गजना धाम दोनों राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां का प्राकृतिक परिवेश, स्थानीय लोकविश्वास और ऐतिहासिक स्मृतियां इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। किसी भी क्षेत्र की वास्तविक पहचान केवल भौतिक विकास से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण से भी बनती है। गजना धाम की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना डीएम ने कहा कि गजना महोत्सव के माध्यम से इस विरासत को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य गजना धाम की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान राज्य-राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। साथ ही स्थानीय कलाकारों, छात्र-छात्राओं और प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। गजना धाम को धार्मिक आस्था के केंद्र के साथ औरंगाबाद के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने का प्रयास है।
शौचालय, हाईमास्ट और फोरलेन सड़क की मांग पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह ने कहा कि औरंगाबाद की पहचान देव से और नवीनगर की पहचान गजना धाम से है। यहां से कोई श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता। उन्होंने मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट और शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी की ओर से डीलक्स शौचालय निर्माण की योजना है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यदि मंदिर परिसर में इसकी व्यवस्था हो जाए तो श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। उन्होंने बेहतर कनेक्टिविटी के लिए फोरलेन सड़क निर्माण और महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। कररबार नदी पर डैम निर्माण की मांग की नवीनगर प्रमुख चित्रा कुमारी ने कहा कि पांच वर्षों में पांच बार प्रमुख बनना मां की कृपा है। उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों को होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि आरक्षण मिलने के बावजूद महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने महिलाओं से मजबूती के साथ काम करने की अपील की। उप प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि नवीनगर से गजना धाम को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है और दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि गजना के बिना नवीनगर की पहचान अधूरी है। वहीं, जिला परिषद सदस्य हरिराम ने नवीनगर की आठ पंचायतों में सिंचाई की समस्या उठाते हुए कररबार नदी पर डैम निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी। मौके पर भृगुनाथ सिंह, अरविंद पासवान, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, न्यास समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। औरंगाबाद में सोमवार को 2 दिवसीय गजना महोत्सव का शुभारंभ हो गया। पहले दिन इंडियन आइडल फेम गायिका मुधुरिमा बसु ने प्रस्तुति दी। इसके अलावा विधायक ने भी मंच पर आकर गाना गाया। जैसे ही वह मंच पर पहुंचीं, दर्शक झूमने लगे। तालियों से पूरा पंडाल गूंज उठा। मधुरिमा बसु ने अपने गायन की शुरुआत भजन से की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शक देर तक उनकी प्रस्तुति का आनंद लेते रहे। ‘डफली वाले डफली बजा’ सहित अन्य गाने सुनाएं। कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ महोत्सव का उद्घाटन, अतिथियों ने मंदिर में टेका मत्था महोत्सव के उद्घाटन से पहले अतिथियों ने गजना मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। उन्होंने पुजारी और स्थानीय लोगों से मंदिर की धार्मिक महत्ता और इससे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी ली। इसके बाद एमएलसी दिलीप कुमार सिंह, कुटुंबा विधायक ललन राम, डीएम अभिलाषा शर्मा, एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा, पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह, एडीएम अनुग्रह नारायण सिंह, एसडीएम गौरव सिंह, एसडीपीओ सुशील कुमार, न्यास समिति के अध्यक्ष महंत अवध बिहारी दास, नवीनगर प्रमुख चित्रा कुमारी, जिला परिषद सदस्य हरिराम, उप प्रमुख लव कुमार सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह उर्फ बड़का बाबू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर और फीता काटकर महोत्सव का उद्घाटन किया।
अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एडीएम अनुग्रह नारायण सिंह ने स्वागत भाषण दिया। गजना न्यास समिति के अध्यक्ष महंत अवध बिहारी दास ने कहा कि महोत्सव का मतलब सबके हृदय में उत्सव का भाव पैदा करना है। उन्होंने गजना धाम की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है। गजना धाम के विकास के लिए सड़क, पेयजल और धर्मशाला निर्माण की मांग स्थानीय मुखिया टुन्ना सिंह ने गजना धाम के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस धार्मिक स्थल का बेहतर विकास होना चाहिए। इसके लिए मंदिर तक आने वाली सड़कों की मरम्मत, पेयजल की व्यवस्था, हाईमास्ट लाइट लगाने और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला निर्माण कराने की मांग उठाई। उन्होंने सरकारी स्तर पर महोत्सव आयोजित कराने के लिए जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया। एमएलसी दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि गजना धाम की महिमा अपरंपार है। यहां मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं, कुटुंबा विधायक ललन राम ने कहा कि गजना धाम के आसपास रहने वाले लोग भी पूजनीय हैं। महोत्सव तभी महाउत्सव में बदलेगा, जब स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के मार्ग पर चलते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहे हैं।
गजना धाम की पहचान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना लक्ष्य: डीएम डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि गजना धाम की धरती पर उपस्थित होकर उन्हें प्रसन्नता और गौरव की अनुभूति हो रही है। गजना महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा, लोक संस्कृति और समृद्ध विरासत को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि नवीनगर प्रखंड में बिहार-झारखंड सीमा के निकट स्थित गजना धाम दोनों राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां का प्राकृतिक परिवेश, स्थानीय लोकविश्वास और ऐतिहासिक स्मृतियां इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। किसी भी क्षेत्र की वास्तविक पहचान केवल भौतिक विकास से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण से भी बनती है। गजना धाम की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना डीएम ने कहा कि गजना महोत्सव के माध्यम से इस विरासत को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य गजना धाम की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान राज्य-राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। साथ ही स्थानीय कलाकारों, छात्र-छात्राओं और प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। गजना धाम को धार्मिक आस्था के केंद्र के साथ औरंगाबाद के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने का प्रयास है।
शौचालय, हाईमास्ट और फोरलेन सड़क की मांग पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह ने कहा कि औरंगाबाद की पहचान देव से और नवीनगर की पहचान गजना धाम से है। यहां से कोई श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता। उन्होंने मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट और शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी की ओर से डीलक्स शौचालय निर्माण की योजना है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यदि मंदिर परिसर में इसकी व्यवस्था हो जाए तो श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। उन्होंने बेहतर कनेक्टिविटी के लिए फोरलेन सड़क निर्माण और महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। कररबार नदी पर डैम निर्माण की मांग की नवीनगर प्रमुख चित्रा कुमारी ने कहा कि पांच वर्षों में पांच बार प्रमुख बनना मां की कृपा है। उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों को होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि आरक्षण मिलने के बावजूद महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने महिलाओं से मजबूती के साथ काम करने की अपील की। उप प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि नवीनगर से गजना धाम को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है और दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि गजना के बिना नवीनगर की पहचान अधूरी है। वहीं, जिला परिषद सदस्य हरिराम ने नवीनगर की आठ पंचायतों में सिंचाई की समस्या उठाते हुए कररबार नदी पर डैम निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी। मौके पर भृगुनाथ सिंह, अरविंद पासवान, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, न्यास समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

