आप की रैली में लंच पैकेट की लूट मची, VIDEO:बरेली में सांसद संजय सिंह बोले-मोदी वंदे मातरम् गा दें तो इस्तीफा दे दूंगा

आप की रैली में लंच पैकेट की लूट मची, VIDEO:बरेली में सांसद संजय सिंह बोले-मोदी वंदे मातरम् गा दें तो इस्तीफा दे दूंगा

बरेली के फरीदपुर में रविवार को आम आदमी पार्टी की ‘सत्ता परिवर्तन जन आक्रोश रैली’ में मंच से सरकार के खिलाफ सियासी हमले हुए। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र और यूपी सरकार पर वोट चोरी और भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगाए। लेकिन सभा खत्म होते ही आयोजन की व्यवस्था बिखर गई। खाने के पैकेट लेने के लिए भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। महिलाएं और बुजुर्ग भी भीड़ में फंस गए। कुछ लोगों को पैकेट मिले, जबकि कई लोग बिना खाना लिए ही लौट गए। 9 अक्टूबर को लखनऊ में आंदोलन का ऐलान मुख्य अतिथि संजय सिंह दोपहर करीब 3 बजे मंच पर पहुंचे। उन्होंने केंद्र और यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए वोट चोरी और चंदा चोरी के आरोप लगाए। यूपी के सरकारी स्कूलों की स्थिति की तुलना आप शासित राज्यों के स्कूलों से की। संजय सिंह ने कहा कि यूपी में आप की सरकार बनने पर जनता को 50 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था का भी दावा किया। पीएम मोदी को दी ‘वंदे मातरम्’ की चुनौती संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि अगर वह बिना टेलीप्रॉम्प्टर देखे ‘वंदे मातरम्’ की छह पंक्तियां सुना दें तो वह अपने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने 9 अक्टूबर को लखनऊ में सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। भाजपा-आरएसएस और चुनाव आयुक्त पर लगाए आरोप संजय सिंह ने भाजपा और आरएसएस के इतिहास को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अपने उन चार पुरखों के नाम बताएं, जो ‘वंदे मातरम्’ बोलते हुए जेल गए हों। उन्होंने आरएसएस पर 52 वर्षों तक अपने कार्यालय पर तिरंगा नहीं फहराने का आरोप लगाया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर भी उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान दिए गए पत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन को दबाने की वकालत की थी। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। संजय सिंह ने दावा किया कि 2006 में केरल में पीडब्ल्यूडी सचिव रहते हुए उनके कार्यकाल से जुड़ी कथित अनियमितताओं के कारण एक इंजीनियर ने आत्महत्या की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को जेल में होना चाहिए था, लेकिन वह चुनाव आयोग में बैठे हैं। भाषण खत्म होते ही खाने के पैकेट के लिए धक्का-मुक्की सभा खत्म होने के बाद भोजन वितरण की घोषणा हुई। इसके साथ ही टेंट के नीचे भीड़ खाने के पैकेट लेने के लिए काउंटर की तरफ बढ़ गई। कुछ ही देर में व्यवस्था बिगड़ गई। महिलाएं और बुजुर्ग भी भीड़ में फंस गए। पैकेट लेने के लिए लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। कई लोग भीड़ के बीच से पैकेट लेकर निकलते नजर आए। आयोजकों की ओर से भीड़ को कतार में लगाने की व्यवस्था नजर नहीं आई। इस कारण जो लोग लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, उनमें से कई को पैकेट नहीं मिल सका। उन्हें बिना खाना लिए ही वापस लौटना पड़ा। मंच से जिस रैली में बेहतर स्वास्थ्य और व्यवस्था का भरोसा दिलाया जा रहा था, सभा खत्म होते ही भोजन वितरण की अव्यवस्था ने आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।

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