अररिया जिले की महलगांव थाना पुलिस ने मंगलवार को एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह शातिर अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ा। इनके पास से लैपटॉप, चार फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक दर्जन मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार मिली है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के अलावा छत्तीसगढ़ का एक शख्स भी शामिल है। एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि गश्ती के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी। उन्हें पता चला कि महलगांव थाना क्षेत्र के कुरसैल वार्ड नंबर 07 में मो. राशिद के घर पर कुछ लोग बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। जानकारी मिलते ही वरीय अधिकारियों को बताया गया और तुरंत एक पुलिस टीम बनाई गई। टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा। बैंक खातों से निकाल लेते थे पैसे छापे के दौरान सभी आरोपी एक कमरे में बैठकर लैपटॉप, मोबाइल और बायोमेट्रिक डिवाइस से ठगी कर रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी करके सभी छह ठगों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र के बढ़ापुर निवासी राजा कुमार शामिल हैं। बिहार से कुरसैल के मो. राशिद, अझवा, सिसौना जोकीहाट के मो. कुर्बान आलम, कुरसैल के मो. मंजर, मो. सबरेरा और फरसाडांगी जोकीहाट के हुसैन राजा को भी पकड़ा गया है। अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच कर रही पुलिस एसडीपीओ के मुताबिक, ये अपराधी सीधे-सादे लोगों के आधार डेटा और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट की क्लोनिंग करते थे। इसके बाद वे अवैध तरीके से उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट और आधार नंबर से लोगों के खातों में सेंध लगाते थे। पुलिस अब इन अपराधियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच कर रही है। इस मामले में महलगांव थाना में केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार, अपर थाना अध्यक्ष राजू कुमार, रागा कुमारी, गोविन्द यादव, प्रेम कुमार और कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। एसडीपीओ सुशील कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बायोमेट्रिक और आधार की जानकारी को लेकर सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। अररिया जिले की महलगांव थाना पुलिस ने मंगलवार को एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह शातिर अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ा। इनके पास से लैपटॉप, चार फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक दर्जन मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार मिली है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के अलावा छत्तीसगढ़ का एक शख्स भी शामिल है। एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि गश्ती के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी। उन्हें पता चला कि महलगांव थाना क्षेत्र के कुरसैल वार्ड नंबर 07 में मो. राशिद के घर पर कुछ लोग बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। जानकारी मिलते ही वरीय अधिकारियों को बताया गया और तुरंत एक पुलिस टीम बनाई गई। टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापा मारा। बैंक खातों से निकाल लेते थे पैसे छापे के दौरान सभी आरोपी एक कमरे में बैठकर लैपटॉप, मोबाइल और बायोमेट्रिक डिवाइस से ठगी कर रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी करके सभी छह ठगों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र के बढ़ापुर निवासी राजा कुमार शामिल हैं। बिहार से कुरसैल के मो. राशिद, अझवा, सिसौना जोकीहाट के मो. कुर्बान आलम, कुरसैल के मो. मंजर, मो. सबरेरा और फरसाडांगी जोकीहाट के हुसैन राजा को भी पकड़ा गया है। अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच कर रही पुलिस एसडीपीओ के मुताबिक, ये अपराधी सीधे-सादे लोगों के आधार डेटा और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट की क्लोनिंग करते थे। इसके बाद वे अवैध तरीके से उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट और आधार नंबर से लोगों के खातों में सेंध लगाते थे। पुलिस अब इन अपराधियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच कर रही है। इस मामले में महलगांव थाना में केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार, अपर थाना अध्यक्ष राजू कुमार, रागा कुमारी, गोविन्द यादव, प्रेम कुमार और कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। एसडीपीओ सुशील कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बायोमेट्रिक और आधार की जानकारी को लेकर सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

