आगरा में साइबर ठगों ने फर्जी RTO एप्लिकेशन के नाम पर एक व्यक्ति से साइबर ठगी की गई। कचहरी घाट निवासी व्यापारी दिनेश अग्रवाल के बैंक खाते से शनिवार को 9 लाख 62 हजार 3 रुपए निकाल लिए गए। ठगों ने RTO चालान भुगतान के नाम पर लिंक भेजकर उनके मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करा लिया था। पीड़ित दिनेश अग्रवाल ने बताया कि 2 अक्टूबर को उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया था। मैसेज में लिखा था कि उनकी गाड़ी का चालान पेंडिंग है और तुरंत भुगतान करें। मैसेज के साथ एक लिंक भी था, जो देखने में बिल्कुल सरकारी RTO की वेबसाइट जैसा लग रहा था। लिंक पर क्लिक करते ही एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा गया। जैसे ही उन्होंने वह एप्लिकेशन डाउनलोड की, उनके फोन का पूरा कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में चला गया। इसके कुछ देर बाद ही उनके खाते से एक के बाद एक पांच UPI ट्रांजैक्शन होने लगे। पहली ट्रांजैक्शन 99 हजार रुपए की हुई, फिर 1.5 लाख, 2 लाख, 2.74 लाख और आखिरी ट्रांजैक्शन करीब 1.38 लाख रुपए की हुई। इस तरह कुल 9,62,003 रुपए खाते से साफ हो गए। जब बैंक से पैसे कटने के मैसेज लगातार आने लगे, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने तुरंत अपने बैंक की होम ब्रांच जाकर खाते को होल्ड कराया और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उन्हें तत्काल फ्रीज किया जाए और रकम वापस दिलाई जाए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पीड़ित की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित बैंकों को ट्रांजैक्शन डिटेल और लाभार्थी खातों की जानकारी के लिए पत्र लिखा गया है। पुलिस का कहना है कि यह संगठित गिरोह है जो फर्जी सरकारी ऐप बनाकर लोगों को ठग रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और RTO या अन्य सरकारी भुगतान केवल आधिकारिक वेबसाइट ऐप से ही करें।

