सरयू नदी के उफान के दौरान अयोध्या के छावनी क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक की आशंका ने वन विभाग की निगरानी बढ़ा दी है। करीब दो सप्ताह पहले नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका सामने आई थी। वन विभाग की जांच में तेंदुए के पदचिह्न भी मिले। इसके बाद विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए करीब चार कैमरा ट्रैप लगाए हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया है।
अयोध्या मंडल के संभागीय वन अधिकारी प्रखर गुप्ता ने दैनिक भास्कर को बताया कि सरयू नदी में बाढ़ और तेज बहाव के दौरान वन्यजीवों के लिए अपने प्राकृतिक क्षेत्र में रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में तेंदुआ नदी के किनारे के सुरक्षित और अपेक्षाकृत शांत इलाकों की ओर आ सकता है। छावनी क्षेत्र में वन क्षेत्र अधिक होने के कारण यहां अनुकूल वातावरण उन्होंने कहा कि छावनी क्षेत्र में वन क्षेत्र अधिक होने के कारण यहां उसे छिपने और रहने के लिए अनुकूल वातावरण मिल जाता है। यही वजह है कि सरयू के उफान के समय छावनी क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि सामने आने की संभावना रहती है।
नदी उतरने पर वापस जंगल में जाने की संभावना
डीएफओ ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सरयू का जलस्तर बढ़ने पर तेंदुआ यदि अपने प्राकृतिक क्षेत्र से निकलकर छावनी क्षेत्र में पहुंचता है तो नदी का पानी उतरने के बाद उसके वापस अपने प्राकृतिक क्षेत्र की ओर लौटने की संभावना रहती है। हालांकि वन विभाग किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। इसी वजह से क्षेत्र में कैमरा ट्रैप और पिंजरा लगाया गया है। टीम लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही है। जांच के दौरान पदचिह्न मिलने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया
उन्होंने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले सरयू का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था। उसी दौरान तेंदुए के छावनी क्षेत्र में आने की संभावना जताई गई थी। जांच के दौरान पदचिह्न मिलने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल निगरानी व्यवस्था बढ़ा दी। फिलहाल कैमरों के माध्यम से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
वालों को सतर्क रहने की सलाह
वन विभाग ने छावनी क्षेत्र में सुबह टहलने जाने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि लोग अंधेरे में मॉर्निंग वॉक के लिए न निकलें। पर्याप्त उजाला होने के बाद ही टहलने जाएं। संभव हो तो अकेले जाने के बजाय समूह में निकलें। खासकर झाड़ियों और सुनसान स्थानों के आसपास जाने से बचें।
अधिकारी के मुताबिक छावनी क्षेत्र में आबादी अपेक्षाकृत कम है और यहां सैन्य क्षेत्र भी है। क्षेत्र में रहने वाले सैन्य जवानों और अन्य लोगों को भी तेंदुए की संभावित मौजूदगी के बारे में सतर्क किया गया है। वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
अभी स्थिति नियंत्रण में, वन विभाग की नजर
डीएफओ प्रखर गुप्ता का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। पूरे क्षेत्र में कैमरे लगाए जाने के साथ निगरानी की जा रही है। यदि तेंदुए की गतिविधि कैमरों में स्पष्ट रूप से सामने आती है तो उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, सरयू का जलस्तर कम होने पर तेंदुए के स्वत: अपने प्राकृतिक क्षेत्र में लौटने की भी संभावना है। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने से बचें
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने, पीछा करने या भीड़ लगाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। लोगों की सतर्कता और वन विभाग की निगरानी से तेंदुए को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक क्षेत्र तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

