अयोध्या में संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान के तहत पुलिस ने पिता-पुत्र समेत दो आरोपियों को ‘जालसाजी गैंग डी’ के रूप में सूचीबद्ध किया है। रंजीत कुमार मौर्या को गैंग लीडर बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आर्थिक लाभ के लिए धोखाधड़ी, छल और जालसाजी जैसे अपराधों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, गैंग में रंजीत कुमार मौर्या पुत्र बैजनाथ मौर्या और उसके पिता बैजनाथ मौर्या पुत्र रामबदल शामिल हैं। दोनों इनायतनगर थाना क्षेत्र के कुचेरा बाजार के रहने वाले हैं। एसएसपी अयोध्या के निर्देश पर 20 अगस्त को दोनों को गैंग के रूप में सूचीबद्ध किया गया। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। रंजीत पर 11 मुकदमे, गैंगस्टर एक्ट में भी केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गैंग लीडर रंजीत कुमार मौर्या के खिलाफ अयोध्या के इनायतनगर, कोतवाली नगर, खंडासा और रौनाही थानों में 11 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा लखनऊ के गाजीपुर थाने में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में केस शामिल हैं। वर्ष 2026 में उसके खिलाफ यूपी गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पिता बैजनाथ पर तीन मुकदमे वहीं, बैजनाथ मौर्या के खिलाफ रौनाही और इनायतनगर थानों में तीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के साथ गैंगस्टर एक्ट का मामला भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण और संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें ‘जालसाजी गैंग डी’ में सूचीबद्ध किया गया है।

