बारिश की वजह से प्रयागराज हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। सड़कें, ऑफिस, थाने, पुलिस कार्यालय, नगर निगम परिसर में घुटनों तक पानी भर गया। सात हजार परिवार छतों पर रहने को मजबूर हो गए। छात्रों का पलायन शुरू हो गया। रेलवे ट्रैक तक में पानी भर गया। 500 से ज्यादा कारें डूब गईं। तीन दिनों में सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हुआ। बारिश में पूरे शहर में जलभराव पर राजनीति भी गरमा गई। खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को हमला करने का मौका मिल गया है। सपा और कांग्रेस नेता एक एक कर आगे आ रहे और बीजेपी सरकार, मंत्री और मेयर पर तंज कस रहे। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मो. फरहान का कहना है कि नगर निगम लूट का अड्डा बन गया है। पूर्व मेयर ने भी अपनी ही पार्टी के मेयर के कामकाज पर सवाल उठा दिए हैं। हालात बहुत ही खराब हैं। सपा नेता तारिक सईद अज्जू का कहना है कि हजारों परिवार जलभराव से परेशान है। खाना तक नसीब नहीं हो रहा है। प्रशासन पूरी तरह से फेल हो गया है। इलाहाबाद जन कल्याण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद हन्जला ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मानसून से पहले नाला सफाई के नाम पर 15 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया था, तो इतनी बारिश के बाद प्रयागराज के दर्जनों इलाकों में नाले और सीवर क्यों उफन गए? आखिर वह 15 करोड़ रुपये कहां खर्च हुए और उसका जमीन पर कितना असर दिखाई दिया? हन्जला ने कहा कि करेली में करीब चार फीट तक पानी भरना, लोगों का घरों में फंसना और एनडीआरएफ द्वारा नाव से लोगों को बाहर निकालना नगर निगम की तैयारियों की गंभीर तस्वीर सामने रखता है।

