जिला अस्पताल में वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार को हड़ताल कर दी। कर्मचारी इमरजेंसी वार्ड के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। हड़ताल के चलते अस्पताल परिसर में जगह-जगह कूड़े का अंबार लग गया। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें सितंबर महीने से वेतन नहीं मिला है। वहीं, पिछले आठ से नौ महीने से उनके पीएफ की कटौती भी नहीं की गई है। कर्मचारियों के मुताबिक, उनका मासिक वेतन महज 7,200 रुपये है। इतनी कम आय में भी समय पर भुगतान नहीं होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सुपरवाइजर पर धमकी देने का आरोप सफाई कर्मचारियों ने सुपरवाइजर तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वेतन की जानकारी लेने और अपने साथियों को बुलाने पहुंचने पर सुपरवाइजर ने कथित तौर पर धमकी दी। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिटवाने की बात भी कही गई। इससे नाराज कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया। बकाया वेतन देने की मांग हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि सितंबर से बकाया वेतन का जल्द भुगतान किया जाए। साथ ही पीएफ से जुड़ी समस्या का समाधान कराया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनकी नाराजगी बनी रहेगी। अस्पताल में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होने की आशंका है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और सफाई व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है।

