Iran US conflict: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शुक्रवार को कहा कि अभी युद्ध खत्म करना बेहतर है, क्योंकि ईरान “ताकत और सम्मान” की स्थिति में है। उन्होंने एक बैठक में कहा कि देश इस समय शक्ति और गरिमा की स्थिति में है, इसलिए अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष को अब समाप्त कर देना बेहतर होगा।
उन्होंने दावा किया कि पूरी दुनिया ईरान की स्थिति को मजबूत मानती है। उनके कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध को किसी न किसी मोड़ पर खत्म करना ही होगा।
पेजेशकियन बोले- ईरान सम्मान की स्थिति में
उन्होंने कहा, “यह बेहतर है कि हम आज ही युद्ध खत्म कर दें, जब हम ताकत और सम्मान की स्थिति में हैं। पूरी दुनिया हमारी जीत को मानती है और इस बात पर जोर देती है कि अमेरिका ने सभी अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए हमारे स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे पर हमला किया है और दुनिया भर में उसे नफरत की नजर से देखा जाता है।”
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेशकियन ने जून में ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते (MoU) को “सम्मानजनक और मूल्यवान” बताया। उन्होंने जोर दिया कि समझौते की किसी भी शर्त में आत्मसमर्पण का संकेत नहीं है और सभी जिम्मेदारियां दूसरे पक्ष पर हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान जो हासिल हुआ, वह एक “बड़ी उपलब्धि” थी। इसे ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में “एकजुटता और आपसी सहयोग” के साथ मंजूरी दी गई थी और परिषद के सभी सदस्यों ने मजबूती से इसका समर्थन किया था।
दोबारा हमला हुआ तो नहीं करेंगे सरेंडर
हालांकि, राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि अगर दोबारा हमला हुआ तो ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “हम किसी भी हालत में दादागिरी के आगे नहीं झुकेंगे, और इसमें कोई शक नहीं है।”
उन्होंने कहा, “हम अपनी आखिरी सांस तक उनका मुकाबला करेंगे और उन्हें करारा जवाब देंगे।” उन्होंने आगे कहा कि ईरान के सैन्य कमांडर और सशस्त्र बल देश की रक्षा के लिए “पूरे दिल और निस्वार्थ भाव” से पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बातचीत का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।


Pezeshkian is now openly calling for Iran to END the war: “War must come to an end at some point. It is better to end the war today, when we are in a position of power and dignity and the whole world acknowledges our victory.”