महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को सभी विभागों को केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि का समय पर इस्तेमाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और इस साल 95 प्रतिशत से अधिक राशि खर्च करने का लक्ष्य रखा। फडणवीस ने यहां सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र अगले साल केंद्र से मिलने वाली करीब 16,000-17,000 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल करने की क्षमता रखता है। इसका एक बड़ा हिस्सा पूंजीगत व्यय के लिए होगा। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत विभागवार उपलब्ध राशि, खर्च की गई रकम और शेष राशि की समीक्षा करने तथा समय पर राशि का इस्तेमाल करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
फडणवीस ने कहा कि यदि केंद्र किसी योजना के लिए नई लेखा प्रणाली या तकनीकी बदलाव लागू करता है, तो विभागों को उसे तत्काल लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर राशि के संबंध में सख्त निर्णय लेने पड़ सकते हैं। फडणवीस ने मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल को केंद्र से मिलने वाली राशि के इस्तेमाल की नियमित निगरानी के लिए प्रभावी तंत्र स्थापित करने और हर तीन महीने में समीक्षा करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के अनुसार, वर्ष 2025-26 में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत धन के इस्तेमाल में स्कूल शिक्षा एवं खेल विभाग सबसे आगे रहा और उसने उपलब्ध राशि का 96 प्रतिशत खर्च किया। बजट प्रावधान के मुकाबले उसका खर्च 99.9 प्रतिशत रहा।

