बसपा के इकलौते राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नोएडा में दिए उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने बसपा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में ‘अपराध की इंडस्ट्री’, ‘कट्टा-तमंचा की इंडस्ट्री’, वाहन चोरी और चेन स्नैचिंग के कुटीर उद्योग होने की बात कही थी। रामजी गौतम ने कहा कि जिस पद को गृहमंत्री सुशोभित कर रहे हैं, उस पद पर बिना तथ्यों के बयान देना उनकी छवि को धूमिल करता है। रामजी गौतम ने कहा कि मायावती की चार बार की सरकार में उत्तर प्रदेश में गुंडाराज, माफियाराज और डाकुओं का राज खत्म किया गया। गुंडा टैक्स बंद कराया गया और प्रदेश में अमन-चैन स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को उनके रहने वाली जमीन का मालिकाना हक दिया गया और भूमिहीनों को दो से तीन एकड़ तक जमीन के पट्टे दिए गए। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार में ऐसे गरीब परिवारों को बुलडोजर कार्रवाई के जरिए बेघर किया गया और वे आज भी भटकने को मजबूर हैं। ‘भाजपा सरकार में पेपर लीक का उद्योग स्थापित हुआ’ बसपा सांसद ने कहा कि 2017 से 2024 के बीच उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की घटनाओं ने नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पेपर लीक का ऐसा उद्योग स्थापित हुआ, जिससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए और कई युवाओं का भविष्य अंधकारमय हुआ। उन्होंने दावा किया कि 2017 में यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा रद्द हुई। 2018 में यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की परीक्षा और पुलिस कांस्टेबल-नलकूप चालक भर्ती परीक्षा रद्द हुई। 2021 में UPTET परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द की गई। 2022 में लेखपाल भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और यूपी बोर्ड की अंग्रेजी परीक्षा के 12 जिलों में पेपर लीक होने का मामला सामने आया। 2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द हुई, जिसमें करीब 48 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए। इसी वर्ष RO/ARO समीक्षा अधिकारी परीक्षा भी पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द की गई। रामजी गौतम ने इन घटनाओं की तुलना मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले से करते हुए कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की है। ‘26 हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए गए’ बसपा सांसद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्कूल बंद किए गए हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश में सात लाख से अधिक बच्चे आउट ऑफ स्कूल हैं और उन्हें पढ़ाई के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके मुकाबले उन्होंने मायावती सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि 2007 से 2012 के बीच करीब 5 हजार प्राथमिक और जूनियर स्कूल खोले गए। इस दौरान 572 राजकीय हाई स्कूल/माध्यमिक विद्यालय, 100 से अधिक डिग्री कॉलेज, छह विश्वविद्यालय, पांच इंजीनियरिंग कॉलेज और सात मेडिकल कॉलेज खोले गए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दलित और पिछड़े बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में माध्यमिक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए इन संस्थानों का निर्माण कराया गया। रामजी गौतम ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में 10 साल में ‘जीरो का कीर्तिमान’ स्थापित किया है। ‘गरीब बच्चों के लिए कोचिंग संस्थान खोले’ उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और बैंकर्स बनाने के लिए छह कोचिंग संस्थान स्थापित किए थे। उन्होंने लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन का उदाहरण देते हुए कहा कि गृहमंत्री वहां जाकर इसकी व्यवस्था देख सकते हैं। बसपा सांसद ने कहा कि 2007 से पहले उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में डाकुओं का आतंक था और लोगों में दहशत का माहौल था। मायावती सरकार ने उस माहौल को खत्म कर प्रदेश को भयमुक्त बनाने का काम किया। ‘नकली दवाइयों के कारोबार पर कार्रवाई हो’ रामजी गौतम ने भाजपा सरकार पर हत्या, बलात्कार और जबरन कब्जे जैसी घटनाओं के बढ़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जातिवाद और ऊंच-नीच की भावना बढ़ी है, जबकि मायावती सरकार में सभी वर्ग भाईचारे और अमन-चैन के साथ रहते थे। उन्होंने नकली दवाइयों के कारोबार का भी मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि नकली दवाइयों के कारण कई बच्चों की जान गई, लेकिन ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण मिल रहा है। रामजी गौतम ने कहा कि गृहमंत्री को किसी भी सरकार या प्रदेश की स्थिति पर टिप्पणी करते समय तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान गृहमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।

