अंबेडकर जयंती पर CM भजनलाल शर्मा का बड़ा एलान, राजस्थान में युवाओं के लिए बनेंगी 200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी

CM Bhajanlal Sharma Ambedkar Jayanti: जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के युवाओं और वंचित वर्गों के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी है। जयपुर के भवानी निकेतन परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में 200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी खोलने और जयपुर के मूंडला स्थित अंबेडकर पीठ में अनुसूचित जाति के युवाओं के लिए एक आधुनिक आवासीय कोचिंग केंद्र स्थापित करने का एलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये ई-लाइब्रेरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। जबकि आवासीय कोचिंग केंद्र से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा।

पिछड़ों के नाम पर कांग्रेस ने किया केवल दिखावा : सीएम

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहब का अपमान किया और उन्हें राजनीति से दूर रखने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद गांधी परिवार खुद को ‘भारत रत्न’ देने में व्यस्त रहा, जबकि बाबा साहब को यह सम्मान 1990 में भाजपा के समर्थन वाली सरकार के दौरान मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा, कांग्रेस केवल वंचितों और पिछड़ों के वोट के लिए राजनीति करती है। आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने संविधान की आत्मा को कुचल दिया था। जिस संविधान का वे आज हवाला देते हैं, सबसे अधिक उल्लंघन उन्हीं की सरकारों ने किया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जाति और जनजाति पर होने वाले अत्याचारों में 28 प्रतिशत की कमी आई है।

डीबीटी के जरिए 1363 करोड़ का हस्तांतरण

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बटन दबाकर प्रदेश के 80 लाख पेंशनभोगियों और 5.54 लाख पालनहार लाभार्थियों के खातों में कुल 1,363 करोड़ रुपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि अंत्योदय और सामाजिक सुरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूती

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के हित में 29.12 करोड़ की लागत से निर्मित 10 नए छात्रावासों का लोकार्पण किया और 47.60 करोड़ की लागत वाले 17 नए छात्रावासों का शिलान्यास भी किया। इसके अतिरिक्त, जामडोली स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 50 लाख रुपए की आधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम में एक विशेष ‘समाधानसाथी’ AI चैटबॉट का भी शुभारंभ किया गया। यह चैटबॉट पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं की पात्रता व आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी युवाओं और आमजन तक आसानी से पहुंचाने में मदद करेगा।

नारी शक्ति और बाबा साहब का विजन

बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए सीएम ने कहा कि आरबीआई, वित्त आयोग और श्रमिकों के लिए 8 घंटे काम का अधिकार जैसे ऐतिहासिक निर्णय डॉ. अंबेडकर की ही दूरगामी सोच का परिणाम थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाकर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना बाबा साहब के महिला सशक्तिकरण के सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार ने बाबा साहब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित कर उन्हें उचित सम्मान दिया है।

विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी

इस राज्य स्तरीय समारोह में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, मंत्री झाबर सिंह खर्रा, संजय शर्मा सहित कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि कन्यादान योजना और पेंशन व्यवस्था में सुधार कर सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ पहुंचा रही है। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मेधावी छात्रों और शिक्षकों को ‘अंबेडकर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

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