पाली। जिले के कराड़ी गांव में हुई वृद्धा की निर्मम हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। बिठुड़ा कलां निवासी भरत (22) और राजू चौकीदार (25) ने कम समय में धनवान बनने की लालसा में इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में फैली दहशत में कमी आई है।
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बनाई थी लूट की योजना
पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन ने बताया कि आरोपियों ने सोने-चांदी के बढ़ते दामों को देखते हुए लूट की योजना बनाई थी। एक अप्रेल को उन्होंने कराड़ी गांव के पास स्थित तालाब के आसपास रेकी की और वृद्धा प्यारी देवी को अकेला पाकर उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने लकड़ी काटने वाले औजार (कूट) से वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और फिर गले व पैरों से गहने लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
विशेष टीमों का गठन
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया। कुल 12 टीमें बनाकर अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा किया गया। पुलिस ने लगभग 4 हजार किलोमीटर तक पीछा करते हुए दोनों आरोपियों को अहमदाबाद और बेंगलुरु से गिरफ्तार किया।
कई गांवों में की थी रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले कई गांवों में जाकर रेकी की थी और ऐसे स्थानों की तलाश की थी जहां अकेले व्यक्ति को निशाना बनाया जा सके। पुलिस अब लूटे गए आभूषण खरीदने वाले संदिग्ध की भी तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कराड़ी निवासी प्यारी देवी (65) पत्नी रामलाल सीरवी का शव गांव के तालाब के पास देशी बबूल के पेड़ के नीचे मिला था। शव की हालत बेहद भयावह थी। वृद्धा के दोनों पैरों पर चोट के गंभीर निशान थे और कान कटे हुए पाए गए। गले सहित शरीर पर धारदार हथियार से कई वार के निशान मिले, जिससे वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। अब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।


