आईआईटी बीएचयू में छात्रों ने डायरेक्टर ऑफिस का घेराव किया। जिसके बाद डायरेक्टर ने कुछ छात्रों से मुलाकात की। छात्रों ने आरोप लगाया है कि यूथ पार्लियामेंट्री चुनाव में गड़बड़ी की गई है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि संस्था के अधिकारी उनकी बातों को नहीं सुन रहे हैं। छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों ने विभिन्न कार्यक्रमों के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए हैं। इनमें टेक्नेक्स से जुड़े दस्तावेजों के अलावा “साइंस ऑफ यूटोपिया”, “उद्यम वॉलीबॉल”, “एयरोवर्स” के कथित मेरिट सर्टिफिकेट, “कॉस्मिक क्लासिफायर” और “सोलर नेक्सस” के कॉग्निजेंस प्रमाणपत्र तथा नेशनल चेस चैंपियनशिप से जुड़े प्रमाणपत्र शामिल बताए गए हैं। छात्रों ने इन सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संस्था के मुख्य चुनाव अधिकारी को छात्रों ने लिखा पत्र छात्रों ने संस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि जिन उम्मीदवारों पर आरोप लगे हैं, उनकी उम्मीदवारी नियमों के अनुसार रद्द की जानी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि जब फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले सामने आ रहे थे, तब भी चुनाव प्रक्रिया जारी रखना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि वीपी (वाइस प्रेसिडेंट) चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार का बहिष्कार किया गया था और कई निर्वाचित सदस्य भी अलग हो गए थे, इसके बावजूद चुनाव संपन्न कराया गया। इस पर प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा गया है। 3-4 दिन में सम्पन्न होगी जांच निदेशक से मुलाकात कर लौटे एक छात्र ने बताया कि मामले की जांच में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। प्राक्टर प्रो. संजय सिंह ने बताया कि शाम पांच बजे तक चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। किसी भी छात्र के विरुद्ध अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के जो भी आरोप लगे हैं, उनकी गहन जांच कराई जाएगी ताकि व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल हो सके।


