छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जनदर्शन के दौरान एक युवक द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने के मामले में कलेक्टर अविनाश मिश्रा का बयान सामने आया है। कलेक्टर ने कहा कि युवक की समस्या का परीक्षण किया गया है, लेकिन जांच में सामने आया है कि वह अपनी जमीन पर नहीं, बल्कि बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर काबिज है। ऐसे में मामला वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही सुलझाया जाएगा। मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनदर्शन के दौरान आवेदक रोहित सोनी ने आवागमन मार्ग उपलब्ध नहीं होने की शिकायत लेकर आवेदन दिया था। इस दौरान उसने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया, जिससे कोई बड़ी घटना नहीं हुई। आवेदक का दावा निकला गलत कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि संबंधित मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आवेदक जिस भूमि को लेकर दावा कर रहा है, वह उसकी निजी जमीन नहीं है। वह बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर काबिज है। दूसरी ओर मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। एसडीएम की अध्यक्षता में होगी बैठक कलेक्टर ने बताया कि मामले के समाधान के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों पक्षों की बात सुनकर और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन सभी पहलुओं का विधिसम्मत परीक्षण कर रहा है। जनदर्शन समाधान का मंच, आत्मदाह उचित नहीं कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया मंच है। यहां प्राप्त प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल वैधानिक मांगों और समस्याओं को लेकर ही जनदर्शन में आएं तथा किसी भी प्रकार के आत्मघाती या अवैधानिक कदम से बचें। प्रशासन का कहना है कि विवादित भूमि और आवागमन मार्ग से जुड़े मामले का निष्पक्ष परीक्षण कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।


