बरेली। हथकरघा उद्योग से जुड़े बुनकरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी सरकार ने पारंपरिक कला और हुनर को नई पहचान देने के लिए “संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना” के तहत बरेली मंडल के बुनकरों को सम्मानित करने का ऐलान किया है। उत्कृष्ट और कलात्मक हथकरघा उत्पाद तैयार करने वाले बुनकरों को नकद पुरस्कार के साथ सम्मानित किया जाएगा। सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग बरेली परिक्षेत्र सर्वेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं के हथकरघा बुनकर इस योजना में हिस्सा ले सकेंगे। परिक्षेत्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार पाने वाले बुनकर को 20 हजार रुपये, द्वितीय को 15 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 10 हजार रुपये की नकद धनराशि दी जाएगी। इसके साथ शील्ड, अंग वस्त्र और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
जिलाधिकारी की समिति करेगी चयन
पुरस्कार के लिए भेजे गए सैम्पलों की स्क्रीनिंग जिलाधिकारी बरेली की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। चयनित सैम्पलों को आगे राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि योजना का मकसद हथकरघा उद्योग से जुड़े कारीगरों की कला को मंच देना और उन्हें आर्थिक व सामाजिक पहचान दिलाना है। हथकरघा विभाग ने सभी बुनकरों से अपील की है कि वे वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने उत्कृष्ट और कलात्मक सैम्पल पूरे विवरण के साथ 18 जून 2026 तक सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कार्यालय, सिटी स्टेशन माल गोदाम के सामने, बरेली में जमा करा दें।
तीन साल में पुरस्कृत बुनकर नहीं होंगे शामिल
विभाग ने साफ किया है कि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत पुरस्कृत किए जा चुके बुनकरों को इस बार चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे नए और प्रतिभाशाली बुनकरों को मौका देने की तैयारी की गई है।


