औरंगाबाद में आज मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण काम, भूमि अधिग्रहण, वितरण प्रणाली, निविदा प्रक्रिया और समग्र प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मीटिंग में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी शुभेंद्र कुमार झा, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। पिछले 14 दिनों में दर्ज की गई 3.01 प्रतिशत अतिरिक्त प्रगति समीक्षा के दौरान बताया गया कि उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 64.42 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। पिछले 14 दिनों में 3.01 प्रतिशत अतिरिक्त प्रगति दर्ज की गई है। परियोजना के विभिन्न पैकेजों के अंतर्गत नहर निर्माण, लाइनिंग और संरचनात्मक काम जारी हैं। औरंगाबाद में परियोजना के कुल सात निर्माण पैकेज (पैकेज-3 से पैकेज-9) संचालित हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58.618 किलोमीटर है। कुछ पैकेजों में काम संतोषजनक पाया गया, जबकि कुछ स्थानों पर मशीनरी और मानव संसाधन की कमी के कारण अपेक्षित गति नहीं दिखी। इस पर मुख्य सचिव ने कार्य एजेंसियों को आवश्यक मशीनरी और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने व निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में, 10 जून तक पूरा करने का लक्ष्य बैठक में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार क्षेत्र में परियोजना के लिए कुल 41.251 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिसमें से 38.5936 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। शेष 2.6574 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। संबंधित रैयतों को नोटिस जारी कर भुगतान और अभिलेखीय काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि शेष भूमि अधिग्रहण का कार्य 10 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि गया और मदनपुर क्षेत्र की अधिग्रहित भूमि संबंधित विभागों को हस्तांतरित कर दी गई है और लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। किसानों के लिए वरदान बनेगी परियोजना, वितरण प्रणाली में तेजी लाने का निर्देश समीक्षा के दौरान वितरण प्रणाली से संबंधित निविदा प्रक्रियाओं में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने लंबित री-टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना के आने वाले चरणों में कोई बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के काम के लिए 75.606 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि जारी की जा चुकी है। विभिन्न नहर प्रमंडलों में काम निष्पादन और भुगतान की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना झारखंड से शुरू होकर औरंगाबाद के नवीनगर, कुटुंबा, देव, औरंगाबाद और मदनपुर प्रखंडों से गुजरते हुए गया तक विस्तारित है। परियोजना पूरी होने पर हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बैठक के बाद जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, भुगतान और निर्माण काम की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में सभी काम पूरा करने का निर्देश दिया। औरंगाबाद में आज मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण काम, भूमि अधिग्रहण, वितरण प्रणाली, निविदा प्रक्रिया और समग्र प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मीटिंग में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी शुभेंद्र कुमार झा, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। पिछले 14 दिनों में दर्ज की गई 3.01 प्रतिशत अतिरिक्त प्रगति समीक्षा के दौरान बताया गया कि उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 64.42 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। पिछले 14 दिनों में 3.01 प्रतिशत अतिरिक्त प्रगति दर्ज की गई है। परियोजना के विभिन्न पैकेजों के अंतर्गत नहर निर्माण, लाइनिंग और संरचनात्मक काम जारी हैं। औरंगाबाद में परियोजना के कुल सात निर्माण पैकेज (पैकेज-3 से पैकेज-9) संचालित हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58.618 किलोमीटर है। कुछ पैकेजों में काम संतोषजनक पाया गया, जबकि कुछ स्थानों पर मशीनरी और मानव संसाधन की कमी के कारण अपेक्षित गति नहीं दिखी। इस पर मुख्य सचिव ने कार्य एजेंसियों को आवश्यक मशीनरी और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने व निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में, 10 जून तक पूरा करने का लक्ष्य बैठक में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार क्षेत्र में परियोजना के लिए कुल 41.251 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिसमें से 38.5936 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। शेष 2.6574 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। संबंधित रैयतों को नोटिस जारी कर भुगतान और अभिलेखीय काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि शेष भूमि अधिग्रहण का कार्य 10 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि गया और मदनपुर क्षेत्र की अधिग्रहित भूमि संबंधित विभागों को हस्तांतरित कर दी गई है और लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। किसानों के लिए वरदान बनेगी परियोजना, वितरण प्रणाली में तेजी लाने का निर्देश समीक्षा के दौरान वितरण प्रणाली से संबंधित निविदा प्रक्रियाओं में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने लंबित री-टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना के आने वाले चरणों में कोई बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के काम के लिए 75.606 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि जारी की जा चुकी है। विभिन्न नहर प्रमंडलों में काम निष्पादन और भुगतान की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना झारखंड से शुरू होकर औरंगाबाद के नवीनगर, कुटुंबा, देव, औरंगाबाद और मदनपुर प्रखंडों से गुजरते हुए गया तक विस्तारित है। परियोजना पूरी होने पर हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बैठक के बाद जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, भुगतान और निर्माण काम की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में सभी काम पूरा करने का निर्देश दिया।


