DMCH में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, नवजात सुरक्षित:परिजन बोले- ट्रेनी डॉक्टर कर रही थी इलाज, एक साल पहले हुई थी महिला की शादी

DMCH में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, नवजात सुरक्षित:परिजन बोले- ट्रेनी डॉक्टर कर रही थी इलाज, एक साल पहले हुई थी महिला की शादी

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद शुक्रवार देर रात को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजन ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मृतका की पहचान कमतौल थाना क्षेत्र के रहने वाले उदित लीलहा की पत्नी 25 साल की जयसूर्या कुमारी के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, जयसूर्या कुमारी गर्भवती थीं और शुक्रवार को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उन्हें डीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया था कि गर्भ में मौजूद शिशु की हालत गंभीर है, जिसके कारण महिला की भी हालत बिगड़ गई थी और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था। एक साल पहले महिला की हुई थी शादी परिजन ने बताया कि जयसूर्या कुमारी की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। वह पढ़ाई-लिखाई में भी काफी मेधावी थीं और हाल ही में एक प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उनका जॉइनिंग लेटर भी आने वाला था।
मृतका की मां डीएमसीएच के पीजी गर्ल्स हॉस्टल में वार्डन, जबकि उनके पति अस्पताल में डाटा ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। ऑपरेशन के दौरान हुई चूक का आरोप परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बरती गई, जिससे जयसूर्या कुमारी की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन ट्रेनी डॉक्टर कर रही थी। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख डायल-112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया, लेकिन डॉक्टरों ने न तो मीडिया को प्रवेश करने दिया न ही पुलिस को। मृतका के देवर ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की मृतका के देवर गौरव कुमार ने चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लापरवाही के कारण एक परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि मां की मौत के बाद नवजात शिशु अपनी मां का दूध तक नहीं पी सका। परिवार ने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रसूता की मौत की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच,ऑपरेशन में शामिल चिकित्सकों की भूमिका की जांच,दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई,पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं न्याय और दूसरी डॉक्टर को फांसी की सजा की मांग किया। जांच की मांग, प्रशासन की चुप्पी घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि चिकित्सकीय लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं समाचार लिखे जाने तक डीएमसीएच प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद शुक्रवार देर रात को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजन ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मृतका की पहचान कमतौल थाना क्षेत्र के रहने वाले उदित लीलहा की पत्नी 25 साल की जयसूर्या कुमारी के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, जयसूर्या कुमारी गर्भवती थीं और शुक्रवार को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उन्हें डीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया था कि गर्भ में मौजूद शिशु की हालत गंभीर है, जिसके कारण महिला की भी हालत बिगड़ गई थी और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था। एक साल पहले महिला की हुई थी शादी परिजन ने बताया कि जयसूर्या कुमारी की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। वह पढ़ाई-लिखाई में भी काफी मेधावी थीं और हाल ही में एक प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उनका जॉइनिंग लेटर भी आने वाला था।
मृतका की मां डीएमसीएच के पीजी गर्ल्स हॉस्टल में वार्डन, जबकि उनके पति अस्पताल में डाटा ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। ऑपरेशन के दौरान हुई चूक का आरोप परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बरती गई, जिससे जयसूर्या कुमारी की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन ट्रेनी डॉक्टर कर रही थी। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख डायल-112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया, लेकिन डॉक्टरों ने न तो मीडिया को प्रवेश करने दिया न ही पुलिस को। मृतका के देवर ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की मृतका के देवर गौरव कुमार ने चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लापरवाही के कारण एक परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि मां की मौत के बाद नवजात शिशु अपनी मां का दूध तक नहीं पी सका। परिवार ने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रसूता की मौत की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच,ऑपरेशन में शामिल चिकित्सकों की भूमिका की जांच,दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई,पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं न्याय और दूसरी डॉक्टर को फांसी की सजा की मांग किया। जांच की मांग, प्रशासन की चुप्पी घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि चिकित्सकीय लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं समाचार लिखे जाने तक डीएमसीएच प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।  

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