सम्राट-लालू फैमिली की जंग में क्या दखल देंगे नीतीश:मंत्री-नेताओं का घर नहीं बदला तो राबड़ी का क्यों, बंगले में करने होंगे 4 विशेष इंतजाम

सम्राट-लालू फैमिली की जंग में क्या दखल देंगे नीतीश:मंत्री-नेताओं का घर नहीं बदला तो राबड़ी का क्यों, बंगले में करने होंगे 4 विशेष इंतजाम

राबड़ी आवास खाली होगा या नहीं? इस वक्त बिहार के सियासी गलियारे में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। सरकार नियमों की दुहाई दे रही है तो विपक्ष नए बंगाले के आवंटन का कारण पूछ रहा है। सिर्फ राबड़ी देवी का ही आवास क्यों बदला गया। नीतीश कुमार विवाद में दखल देंगे क्या। जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में… सवाल-1ः पुराने आवास को रद्द कर राबड़ी देवी को नया आवास क्यों दिया गया? जवाबः सरकार का दो टूक जवाब है- सरकार नियमों के मुताबिक काम कर रही है। हालांकि, 7 साल पुराना नियम क्यों बदला गया, इसका जवाब सरकार नहीं दे रही है। दरअसल, 29 मई को राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग ने नोटिस भेजकर 15 दिन में 10, सर्कुलर रोड वाले बंगले को खाली करने का निर्देश दिया था। 30 मई को जैसे ही राबड़ी देवी दिल्ली से पटना पहुंचीं, भड़क गईं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा, ‘किसी भी कीमत पर आवास खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।’ सरकार किस नियम का दे रही हवाला, जानिए सवाल-2ः क्या बाकी मंत्रियों के आवास भी बदले गए हैं? जवाबः नहीं, सिर्फ राबड़ी देवी का आवास बदला गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से लेकर बाकी सभी मंत्रियों का आवास पहले वाला ही है। नीतीश सरकार में मंत्री रहे विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, सम्राट चौधरी की सरकार में डिप्टी CM हैं, लेकिन उनका आवास पहले वाला ही है। दोनों डिप्टी CM के आवास में शिफ्ट नहीं हुए। सवाल-3: क्या सरकार और लालू फैमिली के टकराव में नीतीश कुमार दखल देंगे? जवाबः इसकी संभावना बेहद कम है। चूंकि अब लड़ाई आगे बढ़ गई है। राबड़ी देवी के आक्रामक तेवर और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जवाब से विवाद बढ़ गया है। नीतीश कुमार के दखल नहीं देने की 3 मुख्य वजहें हैं… 1. नीतीश काल में ही शुरू हुआ खाली कराने का प्रोसेस 2. RJD ने विवाद में नीतीश के बंगले को घसीटा 3. कमजोर नीतीश, भाजपा को रोकने की स्थिति में नहीं बिहार में पहली बार भाजपा की सरकार है। उसका प्रभाव बढ़ा है। भाजपा एग्रेसिव पॉलिटिक्स के लिए जानी जाती है। वह अपने विरोधियों को कमजोर करने के लिए हर वह दांव चलती है, जिसमें उसको फायदा दिखता है। सवाल-4: राबड़ी देवी नए आवास में जाती हैं तो वहां क्या-क्या काम करवाना होगा? जवाबः अगर 39, हार्डिंग रोड वाले नए बंगले में राबड़ी देवी और लालू यादव का परिवार शिफ्ट होता है, तो भवन निर्माण विभाग और सुरक्षा एजेंसियों को वहां कई बड़े बदलाव कराने होंगे। चूंकि लालू यादव अस्वस्थ हैं और उनके परिवार को जेड प्लस (Z+) सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए नए बंगले को लालू फैमिली के अनुरुप ढालने के लिए 4 विशेष काम करने होंगे… 1. मेडिकल फैसिलिटी तैयार करनी होगी लालू यादव किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य गंभीर बीमारियों के कारण लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रहते हैं। 10, सर्कुलर रोड में उनके लिए एक पूरा सेटअप था। नए आवास में ये काम जरूरी होंगे.. 2. जेड प्लस सिक्योरिटी के मुताबिक सुरक्षा अपग्रेड करनी होगी पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नए बंगले की सुरक्षा को पूरी तरह से नया रूप देना होगा… 3. बड़े मीटिंग हॉल बनाने होंगे लालू-राबड़ी का आवास केवल रहने का घर नहीं, बल्कि RJD का मुख्य राजनीतिक केंद्र भी रहेगा। ऐसे में ये काम कराने होंगे… 4. मजार का सौंदर्यीकरण कराना होगा इस बंगले के कैंपस में एक बहुत पुरानी मजार है। चूंकि इस बंगले को लेकर राजनीतिक गलियारों में ‘अशुभ’ या ‘अनलकी’ होने का एक अंधविश्वास भी जुड़ा है, इसलिए परिवार के आने से पहले इस मजार का सुंदरीकरण, उचित बैरिकेडिंग करनी होगी। इसके अलावा नए आधुनिक मॉड्यूलर किचन बनवाना होगा, कस्टमाइज्ड वॉशरूम (जो बुजुर्गों के अनुकूल हों) और पूरे कैंपस में नया पेंट व सुपीरियर सिविल रिपेयर का काम भवन निर्माण विभाग को करके देना होगा। भवन निर्माण विभाग ने दावा किया है कि 39, हार्डिंग रोड के बंगले को नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल के हिसाब से रेनोवेट कर दिया है। हालांकि, यदि लालू फैमिली वहां जाता है तो उनकी जरूरतों के हिसाब से भवन निर्माण विभाग को काम कराना होगा। इसमें लाखों-करोड़ों रुपए खर्च हो सकता है। जो आम जनता के टैक्स का पैसा होगा। राबड़ी आवास खाली होगा या नहीं? इस वक्त बिहार के सियासी गलियारे में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। सरकार नियमों की दुहाई दे रही है तो विपक्ष नए बंगाले के आवंटन का कारण पूछ रहा है। सिर्फ राबड़ी देवी का ही आवास क्यों बदला गया। नीतीश कुमार विवाद में दखल देंगे क्या। जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में… सवाल-1ः पुराने आवास को रद्द कर राबड़ी देवी को नया आवास क्यों दिया गया? जवाबः सरकार का दो टूक जवाब है- सरकार नियमों के मुताबिक काम कर रही है। हालांकि, 7 साल पुराना नियम क्यों बदला गया, इसका जवाब सरकार नहीं दे रही है। दरअसल, 29 मई को राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग ने नोटिस भेजकर 15 दिन में 10, सर्कुलर रोड वाले बंगले को खाली करने का निर्देश दिया था। 30 मई को जैसे ही राबड़ी देवी दिल्ली से पटना पहुंचीं, भड़क गईं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा, ‘किसी भी कीमत पर आवास खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।’ सरकार किस नियम का दे रही हवाला, जानिए सवाल-2ः क्या बाकी मंत्रियों के आवास भी बदले गए हैं? जवाबः नहीं, सिर्फ राबड़ी देवी का आवास बदला गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से लेकर बाकी सभी मंत्रियों का आवास पहले वाला ही है। नीतीश सरकार में मंत्री रहे विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, सम्राट चौधरी की सरकार में डिप्टी CM हैं, लेकिन उनका आवास पहले वाला ही है। दोनों डिप्टी CM के आवास में शिफ्ट नहीं हुए। सवाल-3: क्या सरकार और लालू फैमिली के टकराव में नीतीश कुमार दखल देंगे? जवाबः इसकी संभावना बेहद कम है। चूंकि अब लड़ाई आगे बढ़ गई है। राबड़ी देवी के आक्रामक तेवर और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जवाब से विवाद बढ़ गया है। नीतीश कुमार के दखल नहीं देने की 3 मुख्य वजहें हैं… 1. नीतीश काल में ही शुरू हुआ खाली कराने का प्रोसेस 2. RJD ने विवाद में नीतीश के बंगले को घसीटा 3. कमजोर नीतीश, भाजपा को रोकने की स्थिति में नहीं बिहार में पहली बार भाजपा की सरकार है। उसका प्रभाव बढ़ा है। भाजपा एग्रेसिव पॉलिटिक्स के लिए जानी जाती है। वह अपने विरोधियों को कमजोर करने के लिए हर वह दांव चलती है, जिसमें उसको फायदा दिखता है। सवाल-4: राबड़ी देवी नए आवास में जाती हैं तो वहां क्या-क्या काम करवाना होगा? जवाबः अगर 39, हार्डिंग रोड वाले नए बंगले में राबड़ी देवी और लालू यादव का परिवार शिफ्ट होता है, तो भवन निर्माण विभाग और सुरक्षा एजेंसियों को वहां कई बड़े बदलाव कराने होंगे। चूंकि लालू यादव अस्वस्थ हैं और उनके परिवार को जेड प्लस (Z+) सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए नए बंगले को लालू फैमिली के अनुरुप ढालने के लिए 4 विशेष काम करने होंगे… 1. मेडिकल फैसिलिटी तैयार करनी होगी लालू यादव किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य गंभीर बीमारियों के कारण लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रहते हैं। 10, सर्कुलर रोड में उनके लिए एक पूरा सेटअप था। नए आवास में ये काम जरूरी होंगे.. 2. जेड प्लस सिक्योरिटी के मुताबिक सुरक्षा अपग्रेड करनी होगी पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नए बंगले की सुरक्षा को पूरी तरह से नया रूप देना होगा… 3. बड़े मीटिंग हॉल बनाने होंगे लालू-राबड़ी का आवास केवल रहने का घर नहीं, बल्कि RJD का मुख्य राजनीतिक केंद्र भी रहेगा। ऐसे में ये काम कराने होंगे… 4. मजार का सौंदर्यीकरण कराना होगा इस बंगले के कैंपस में एक बहुत पुरानी मजार है। चूंकि इस बंगले को लेकर राजनीतिक गलियारों में ‘अशुभ’ या ‘अनलकी’ होने का एक अंधविश्वास भी जुड़ा है, इसलिए परिवार के आने से पहले इस मजार का सुंदरीकरण, उचित बैरिकेडिंग करनी होगी। इसके अलावा नए आधुनिक मॉड्यूलर किचन बनवाना होगा, कस्टमाइज्ड वॉशरूम (जो बुजुर्गों के अनुकूल हों) और पूरे कैंपस में नया पेंट व सुपीरियर सिविल रिपेयर का काम भवन निर्माण विभाग को करके देना होगा। भवन निर्माण विभाग ने दावा किया है कि 39, हार्डिंग रोड के बंगले को नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल के हिसाब से रेनोवेट कर दिया है। हालांकि, यदि लालू फैमिली वहां जाता है तो उनकी जरूरतों के हिसाब से भवन निर्माण विभाग को काम कराना होगा। इसमें लाखों-करोड़ों रुपए खर्च हो सकता है। जो आम जनता के टैक्स का पैसा होगा।  

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