सरकारी परीक्षाओं में क्यों हो रही है ‘E ऑप्शन’ की मांग, ओएमआर शीट में कैसे रुकेगा फर्जीवाड़ा

सरकारी परीक्षाओं में क्यों हो रही है ‘E ऑप्शन’ की मांग, ओएमआर शीट में कैसे रुकेगा फर्जीवाड़ा

BPSC Exams 2026: देश भर में होने वाली सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में ओएमआर शीट को लेकर अक्सर धांधली के आरोप लगते रहते हैं। ऐसे में अब लाखों स्टूडेंट्स यह मांग कर रहे हैं कि परीक्षा में एक ऐसा विकल्प होना चाहिए जिससे सवाल छोड़ने की स्थिति भी रिकॉर्ड की जा सके। स्टूडेंट्स की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए अब बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी परीक्षाओं में ‘E ऑप्शन’ जोड़ने का बड़ा फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अगर स्टूडेंट को किसी सवाल का जवाब नहीं आता है तो वह, उस सवाल को खाली छोड़ने के बजाय ‘E’ वाला ऑप्शन सिलेक्ट कर सकता है। बीपीएससी के इस कदम के बाद अब दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स भी अपनी परीक्षाओं में इस नियम को लागू करने की मांग कर रहे हैं।

BPSC new rule for OMR sheet 2026

क्या होता है OMR शीट सिस्टम

ज्यादातर सरकारी परीक्षाओं में उत्तर देने के लिए ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें हर सवाल के सामने A B C और D जैसे चार ऑप्शन होते हैं। स्टूडेंट्स सही जवाब के सामने वाले गोले को पेन से भरते हैं। बाद में मशीन इसी शीट को स्कैन करके रिजल्ट तैयार करती है। अब तक अगर किसी स्टूडेंट को कोई सवाल नहीं आता था तो वह उसे खाली छोड़ देता था। लेकिन इसी खाली छोड़ी गई जगह को लेकर कई बार परीक्षाओं में धांधली और विवाद की स्थिति पैदा हो जाती थी।

आखिर क्यों उठी ‘E ऑप्शन’ की मांग

पिछले कुछ सालों में कई बड़ी परीक्षाओं के बाद स्टूडेंट्स और संगठनों ने आरोप लगाए कि ओएमआर शीट में खाली छोड़े गए सवालों के गोलों को बाद में भर दिया गया। कई मामलों में जांच भी बैठाई गई। हालांकि हर बार धांधली साबित नहीं हुई लेकिन छात्रों के मन में परीक्षा प्रणाली को लेकर शक जरूर पैदा हो गया। इसी वजह से लगातार यह मांग उठने लगी कि सवाल छोड़ने के लिए भी एक अलग ऑप्शन दिया जाना चाहिए ताकि, ओएमआर शीट में कोई भी सवाल खाली न रहे।

ऐसे काम करेगा नया ‘E ऑप्शन’

बीपीएससी ने अपने नए नियम में ओएमआर शीट में पांचवां ऑप्शन ‘E’ जोड़ा है जिसका मतलब नॉट अटेम्प्टेड यानी सवाल छोड़ दिया गया है। अब अगर किसी स्टूडेंट को जवाब नहीं पता है तो उसे खाली छोड़ने के बजाय ‘E’ वाला गोला भरना होगा। इससे हर सवाल के सामने कोई न कोई विकल्प जरूर दर्ज रहेगा। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई स्टूडेंट बिना कोई गोला भरे सवाल को खाली छोड़ता है तो उस पर निगेटिव मार्किंग जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

फर्जीवाड़ा रोकने में कैसे मिलेगी मदद

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब हर सवाल के सामने कोई न कोई गोला पहले से भरा होगा तो परीक्षा के बाद ओएमआर शीट में किसी भी तरह का बदलाव या छेड़छाड़ करना नामुमकिन हो जाएगा। जांच के दौरान भी यह बिल्कुल साफ रहेगा कि स्टूडेंट ने सवाल छोड़ा था या जानबूझकर कोई जवाब चुना था। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एग्जाम देने वाले कैंडिडेट्स का एग्जाम सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा और भर्ती एजेंसियों की ट्रांसपेरेंसी पर उठने वाले सवाल कम होंगे। बीपीएससी के इस फैसले के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि, आने वाले समय में देश की बाकी परीक्षा एजेंसियां भी इस ‘E ऑप्शन’ वाले नियम को अपना सकती हैं।

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