रक्षा सचिव कौन होते हैं, कैसे मिलती है यह कुर्सी और कितनी होती है सैलरी?

रक्षा सचिव कौन होते हैं, कैसे मिलती है यह कुर्सी और कितनी होती है सैलरी?

Defence Secretary Salary Cut: हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने रक्षा सचिव और सेना प्रमुख के वेतन में कटौती करने का एक अहम आदेश दिया है। इस बड़ी खबर के सामने आने के बाद से ही आम लोगों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर रक्षा सचिव (Defence Secretary) का पद क्या होता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इस ताकतवर प्रशासनिक पद तक कैसे पहुंचा जा सकता है और इस पद पर कितनी सैलरी मिलती है।

रक्षा सचिव कौन होता है?

रक्षा सचिव भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है। रक्षा मंत्री के बाद मंत्रालय के सभी बड़े फैसले, नीतियां और प्रशासनिक कामकाज रक्षा सचिव की देखरेख में ही पूरे होते हैं। सेना, नौसेना और वायुसेना के साथ सरकार के तालमेल को बनाए रखने और रक्षा सौदों से जुड़ी फाइलों को आगे बढ़ाने में रक्षा सचिव की भूमिका सबसे अहम होती है। वह रक्षा मंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में भी काम करते हैं।

रक्षा सचिव बनने के लिए क्या करना पड़ता है

  • यूपीएससी परीक्षा पास करना: रक्षा सचिव बनने की पहली सीढ़ी यूपीएससी (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा है। इस परीक्षा को पास करके उम्मीदवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बनना होता है।
  • दशकों का अनुभव: एक आईएएस अधिकारी को रक्षा सचिव की कुर्सी तक पहुंचने में लगभग 30 से 35 साल का समय लग जाता है।
  • प्रमोशन प्रोसेस: अपने करियर में शानदार काम करने वाले आईएएस अधिकारी को राज्य और केंद्र सरकार में अलग अलग पदों (जैसे जिला मजिस्ट्रेट, संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव) पर काम करने का अनुभव होना चाहिए। वरिष्ठता और बेहतरीन सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति किसी सीनियर आईएएस अधिकारी को रक्षा सचिव के पद पर नियुक्त करती है।

रक्षा सचिव की सैलरी और सुविधाएं

भारत सरकार में सचिव स्तर का पद सर्वोच्च प्रशासनिक पदों में गिना जाता है। सातवें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार, एक रक्षा सचिव की तय बेसिक सैलरी 2 लाख 25 हजार रुपये पर मंथ होती है। इस बेसिक सैलरी के ऊपर सरकार की तरफ से महंगाई भत्ता (DA) और अन्य कई भत्ते दिए जाते हैं। सैलरी के अलावा रक्षा सचिव को दिल्ली के लुटियंस जोन में एक बड़ा सरकारी बंगला, आधिकारिक गाड़ी, ड्राइवर, मुफ्त बिजली पानी, फोन और मेडिकल जैसी कई वीआईपी सुविधाएं मिलती हैं। रिटायरमेंट के बाद इन्हें शानदार पेंशन भी दी जाती है।

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